महाकुंभ 2025: सावन के पांच सोमवार को बंद रहेंगे निर्माण कार्य, इन मंदिरों में रहेगी जलाभिषेक की भीड़

गवान भोलेनाथ को समर्पित पवित्र सावन मास 22 जुलाई को सोमवार से शुरू हो रहा है। जलाभिषेक के लिए शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। ऐसे में महाकुम्भ के मद्देनजर प्रयागराज के शिवालयों में कराए जा रहे निर्माण कार्य सावन के पांचों सोमवार को बंद रहेंगे।

पर्यटन विभाग की ओर से महाकुम्भ के दौरान प्रयागराज के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के शिवालयों की भव्यता दिखाने के लिए सौंदर्याकरण कराया जा रहा है। इनमें प्राचीन दशाश्वमेध मंदिर, नागवासुकि मंदिर, कोटेश्वर महादेव, मनकामेश्वर महादेव मंदिर, पड़िला महादेव और दरियाबाद स्थित तक्षक तीर्थ प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन शिवालयों में सौंदर्याकरण का कार्य चल रहा है।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, अपराजिता सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सावन में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। जिन शिवालयों में सौंदर्गीकरण का कार्य कराया जा रहा है, वहां की कार्यदायी संस्था को सोमवार को कार्य बंद रखने के लिए कहा गया है।

इस बार पांच सोमवार
सावन मास में इस बार पांच सोमवार पड़ रहा है। पहला 22 जुलाई, दूसरा 29 जुलाई, तीसरा पांच अगस्त, चौथा 12 अगस्त व पांचवां सोमवार 19 अगस्त को पड़ रहा है। इन पांच सोमवार को शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इसीलिए पर्यटन विभाग ने उप्र स्टेट टूरिज्म डवलपमेंट व उप्र प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड जैसी कार्यदायी संस्था को सोमवार के दिन सौदर्गीकरण का कार्य ना करने के लिए पत्र लिखा है।

शहर में नहीं प्रवेश करेंगे बाहर से आने वाले वाहन
महाकुम्भ 2025 में दूसरे जिलों से आने वाले वाहन अब शहर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। पहली बार प्रयागराज मेला प्राधिकरण और यातायात पुलिस ने ऐसा प्लान तैयार किया है कि कानपुर से आने वाले वाहन भी शहर के बाहर बाहर सीधे बाईपास के जरिए आएंगे। मलाका से उन्हें स्टैनली रोड पार्किंग लाया जाएगा और यहां से श्रद्धालु मजार तिराहे के रास्ते रीवर फ्रंट टाइप रोड से संगम जाएंगे।

अब तक कुम्भ मेलों में कानपुर से आने वाले वाहन सीधे शहर में आते थे। इस बार प्रशासन ने ऐसा ब्लू प्रिंट तैयार किया है, जिससे यहां के वाहन भी बाहर ही रहे। कानपुर की ओर से आने वाले वाहनों को कोखराज थाने के सामने से बाईपास पर लाया जाएगा। इधर से फाफामऊ की ओर लाकर मलाका में निर्माणाधीन सिक्स लेन पुल से सीधे स्टैनली रोड तक लाया जाएगा। यहां से सभी को सीधे संगम भेजा जाएगा। कुम्भ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद का कहना है कि हमारा प्रयास है कि इस बार न तो लोग आमने- सामने आएं और साथ ही किसी स्नान पर्व पर शहर भी प्रभावित न हो।

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