धर्म और मोक्ष की नगरी काशी में मणिकर्णिका घाट पर कथित तोड़फोड़ को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मां गंगा के तट पर स्थित प्राचीन मंदिरों, शिवालयों और लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया है। सिंह ने इसे हिंदू धर्म की आस्था पर सीधा हमला करार दिया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और सरकार से सवाल पूछे, तो प्रशासन ने दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर ली।
साधु-संतों और अहिल्याबाई के वंशजों में भी आक्रोश
संजय सिंह ने याद दिलाया कि मणिकर्णिका घाट केवल एक श्मशान घाट नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है, जिसका निर्माण 18वीं शताब्दी में पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होलकर ने करवाया था। मान्यता है कि यहां अंतिम संस्कार से मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ की खबरों ने काशी के साधु-संतों और स्थानीय लोगों को नाराज कर दिया है। सिंह के मुताबिक, इस कार्रवाई का विरोध न केवल उन्होंने, बल्कि काशी के संतों, अहिल्याबाई होलकर के परिवार और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी किया है।
‘मैं इन मुकदमों से डरने वाला नहीं’
अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय सिंह ने सरकार को खुली चुनौती दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “वे इन मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं. अगर मंदिर टूटते हैं और प्रतिमाएं तोड़ी जाती हैं, तो चुप रहना पाप है.”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि पुलिस का डर दिखाकर सवाल उठाने वालों का मुंह बंद करने के बजाय उन लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए, जिन्होंने मंदिरों और प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया है।
भाजपा हिंदुओं की भावनाओं को कुचल रही: AAP
इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने भी कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “मणिकर्णिका घाट पर मंदिरों को तोड़ने के भाजपा के कृत्य का विरोध करना अगर अपराध है, तो यह दिखाता है कि भाजपा अब हिंदुओं की भावनाओं को कुचलने पर उतर आई है. आम आदमी पार्टी न कभी डरी है और न आगे डरेगी.”