मुंबई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘Gen Z’ वाले पोस्ट और चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को लेकर जहां भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है, वहीं विपक्षी दल उनके समर्थन में उतर आए हैं। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि उनमें वह साहस है जो प्रधानमंत्री में नहीं है।
राउत ने की राहुल गांधी की तारीफ
संजय राउत ने कहा, “राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं, जो एक संवैधानिक और अहम पद है। सैकड़ों पत्रकारों को एक साथ संबोधित करना उनकी बहादुरी है। यह साहस हमारे प्रधानमंत्री में नहीं है। राहुल गांधी लगातार अपनी बात देश के सामने रखते हैं और यह उनकी हिम्मत दिखाता है।”
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से चुनाव आयोग की कथित धांधलियों और मत चोरी के तरीकों पर बोलते रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की और सबूत पेश किए कि किस तरह से एक खास वर्ग के वोट डिलीट किए गए।
सुप्रिया सुले ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब
एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने भी राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा, “राहुल गांधी ने प्रेजेंटेशन के जरिए डेटा रखा है। यह आरोप बीजेपी या किसी अन्य पार्टी पर नहीं, बल्कि चुनाव आयोग पर लगाए गए हैं। ऐसे में आयोग को इसका जवाब देना चाहिए। राजनीतिक पार्टियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।”
‘माओवाद कहां से आया?’
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी के बयान को “माओवादी सोच” से जोड़ते हुए उन पर निशाना साधा था। इस पर सुप्रिया सुले ने पलटवार किया और कहा, “Gen Z का मतलब नई जेनरेशन है। इसमें माओवादी सोच कहां से आ गई? मुख्यमंत्री का यह बयान हास्यास्पद है।”