Sonam Wangchuk Hunger Strike: संजय निषाद का बड़ा बयान, बोले- ‘किसी की जिद से कुछ नहीं होता’, विपक्ष पर भी साधा निशाना

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का आमरण अनशन 20वें दिन भी जारी है। नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार से बातचीत की मांग कर रहे हैं। हालांकि, अब तक केंद्र या दिल्ली सरकार की ओर से उनसे कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर संजय निषाद ने कहा, “विपक्ष के लोग उनका समर्थन नहीं कर रहे बल्कि उन्हें मारने की फेर में पड़े हुए हैं. किसी की जिद से कुछ नहीं होता है. मतदाताओं ने तय किया है कि कौन व्यक्ति किस पद पर रहेगा.”

विपक्ष पर भी लगाए आरोप

संजय निषाद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन अपने पद पर बना रहेगा और कौन नहीं। उनके अनुसार, “आप यह कैसे तय कर सकते हैं कि किसी व्यक्ति को अपने पद पर बने रहने का अधिकार है या नहीं? विपक्ष के लोग ऐसे ही काम करते हैं. अच्छे लोगों को फंसाकर वे अपना हित निकलवाते हैं.”

सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर बढ़ी चिंता

इस बीच, सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर भी चिंता लगातार बढ़ रही है। गुरुवार (16 जुलाई) को उनके अनशन के 19वें दिन तक सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है। उनके डॉक्टर ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक भूख हड़ताल जारी रहने के कारण उनकी स्थिति गंभीर चरण में पहुंच सकती है और इसका असर शरीर के अंगों पर भी पड़ना शुरू हो सकता है।

हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि वह फिलहाल ठीक हैं और कुछ दिन तक अनशन जारी रख सकते हैं।

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