
संसद में एक बड़े सुरक्षा उल्लंघन की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में छह लोग शामिल थे। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को ये जानकारी दी। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि पुलिस को संसद की सुरक्षा चूक में 6 लोगों के शामिल होने का संदेह है जिनमें से 5 को गिरफ्तार कर लिया गया है और 1 अन्य की तलाश जारी है।सागर शर्मा और डी मनोरंजन नाम के दो व्यक्तियों को संसद परिसर के अंदर गिरफ्तार किया गया। इन्होंने लोकसभा के अंदर पीले धुएं के कनस्तर फोड़े थे। इसके अलावा, नीलम देवी और अमोल शिंदे नाम के दो अन्य को भी गिरफ्तार किया गया है। इन्होंने संसद के बाहर लाल और पीले रंग के कनस्तर फोड़े थे। पांचवें का नाम ललित झा है, जिसके गुड़गांव स्थित घर पर बाकी पांच रुके थे। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसने पांचवें संदिग्ध को गुरुग्राम से हिरासत में लिया है। छठे व्यक्ति का नाम नहीं बताया गया है। सूत्रों ने बताया कि वह फरार है।
प्रारंभिक पूछताछ से पता चला है कि लोकसभा के अंदर धुएं के कनस्तर खोलने वाले दो लोग उत्तर प्रदेश के लखनऊ (सागर शर्मा) और कर्नाटक के मैसूर (डी मनोरंजन) से हैं। संसद के बाहर पकड़े गए दोनों लोग महाराष्ट्र के लातूर (अमोल शिंदे) और हरियाणा के हिसार (नीलम देवी) से हैं। पुलिस सूत्रों ने कहा कि गिरफ्तार लोगों के पास से कोई मोबाइल फोन नहीं मिला, पूछताछ जारी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस संसद की सुरक्षा का उल्लंघन करने में शामिल चार आरोपियों के मोबाइल फोन ढूंढ रही है।
पुलिस के मुताबिक, सभी छह लोग ऑनलाइन मिले थे और मिलकर यह योजना बनाई। सूत्रों ने बताया कि इस समय इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उन्हें किसी आतंकी समूह ने कट्टरपंथी बनाया था। पुलिस ने सागर शर्मा और डी मनोरंजन के आधार कार्ड सहित कुछ और विवरण भी जारी किए हैं। पता चला है कि 42 वर्षीय नीलम देवी एक शिक्षिका हैं जो सिविल सेवाओं के लिए पढ़ाई कर रही हैं। नीलम के भाई के अनुसार, वह सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 2020 के विवादास्पद किसानों के विरोध में सक्रिय रूप से शामिल थी, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ी नहीं है।
दर्शक दीर्घा से दो व्यक्तियों के लोकसभा में कूदने और कैन से पीला तथा लाल रंग का धुआं फैलाने के कुछ मिनट बाद यह घटना हुई। लोकसभा में हुई घटना से सांसदों में दहशत फैल गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि चारों आरोपी एक-दूसरे को जानते थे और उनके दो अन्य साथी भी थे, जिनका अब तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस के एक सूत्र ने कहा, “चार लोगों को पकड़ लिया गया है, जबकि पांचवें की पहचान कर ली गई है। दो संदिग्ध और चार आरोपी गुरुग्राम के एक घर में रुके थे और ऐसा लगता है कि घटना की साजिश रची गई थी।” सूत्र ने कहा, “आरोपियों के पास से मोबाइल फोन नहीं मिले हैं और पुलिस उनके फोन की तलाश कर रही है।” सुरक्षा में चूक की यह घटना 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन हुई। पाकिस्तान आधारित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद संगठनों के आतंकवादियों ने 2001 में आज ही के दिन संसद परिसर पर हमला किया था, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी।
गृह मंत्रालय से संसद की सुरक्षा समीक्षा करने का आग्रह कर सकते हैं लोकसभा अध्यक्ष बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सदन की दर्शक दीर्घा से दो व्यक्तियों के कूदने की घटना के मद्देनजर गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर संसद की सुरक्षा समीक्षा करने का आग्रह कर सकते हैं। संसद के सूत्रों ने बताया कि बिरला ने लोकसभा में बुधवार को हुई इस घटना पर चर्चा के लिए बुलाई गई राजनीतिक दलों की बैठक में नेताओं को इस बात की जानकारी दी।
सर्वदलीय बैठक में तृणमूल कांग्रेस ने अपने सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन का हवाला दिया और भाजपा सदस्य प्रताप सिम्हा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लोकसभा में दर्शक दीर्घा से कूदने वाले दोनों व्यक्तियों में से एक सागर शर्मा का निचले सदन का (दर्शक दीर्घा का) पास सिम्हा की अनुशंसा पर बना था।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सदस्यों ने लोकसभा अध्यक्ष के साथ बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में विभिन्न खामियों का जिक्र किया। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान बुधवार को दर्शक दीर्घा से दो लोग अचानक सदन के अंदर कूद गए और केन के जरिए धुआं फैला दिया। इसके तुरंत बाद दोनों को पकड़ लिया गया। सदन में करीब एक बजे शून्यकाल के दौरान यह घटना घटी।