उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक समीकरण तेजी से बनते-बिगड़ते नजर आ रहे हैं। इसी बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के संस्थापक और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने गठबंधन की संभावनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनके बयान ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आगामी चुनाव में वह किस राजनीतिक दल के साथ नजर आ सकते हैं।
मायावती और बसपा को लेकर क्या बोले चंद्रशेखर आजाद?
एक इंटरव्यू के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने बहुजन समाज पार्टी और उसकी प्रमुख मायावती को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में परिस्थितियों को देखते हुए मायावती आजाद समाज पार्टी को अपना समर्थन और आशीर्वाद देंगी।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा, “मायावती भले ही मुझे अपशब्द कह दें, मेरे ऊपर किसी भी तरह की टिप्पणी कर दें, मुझे इन सब चीजों से फर्क नहीं पड़ता है.”
उनके इस बयान को बहुजन राजनीति में संभावित नए समीकरणों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
गठबंधन पर दिया दिलचस्प जवाब
जब उनसे समाजवादी पार्टी, कांग्रेस या एआईएमआईएम के साथ गठबंधन की संभावना को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने सीधे तौर पर किसी दल का नाम नहीं लिया, लेकिन गठबंधन के लिए अपने दरवाजे खुले होने का संकेत जरूर दिया।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा, “मैंने अपने घर बड़ा दरवाजा लगवाया है, ताकि किसी नेता को हमारे घर आने पर यह फील न हो कि मुझे गाड़ी से उतर कर जाना पड़ रहा है.”
उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और इसे सभी दलों के लिए खुला संदेश माना जा रहा है।
समाजवादी पार्टी से सीटों पर बातचीत का क्या होगा?
समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन और सीटों की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि ऐसी बातें सार्वजनिक मंचों पर तय नहीं होतीं।
उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी के हम मेंबर थोड़ी हैं, समाजवादी पार्टी को बात करनी हो तो वह आजाद समाज पार्टी के लीडर से बात कर लेंगे.”
इस बयान से उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि किसी भी गठबंधन पर अंतिम फैसला संगठनात्मक स्तर पर बातचीत के बाद ही होगा।
नगीना सीट को लेकर भी याद दिलाई पुरानी बात
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्होंने पहले सिर्फ नगीना सीट की मांग की थी ताकि भारतीय जनता पार्टी को चुनौती दी जा सके।
उन्होंने कहा, “मैंने उनसे (समाजवादी पार्टी) एक सीट नगीना भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए मांगी थी. जिनका दिल इतना बड़ा नहीं है, उनके लिए ज्यादा सोचना मेरा काम नहीं है.”
उनके इस बयान को समाजवादी पार्टी पर अप्रत्यक्ष निशाने के रूप में देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव से रिश्तों पर क्या कहा?
साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों का मतलब व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं होता।
उन्होंने कहा, “हम जाति दुश्मन नहीं हैं.”
इस बयान से यह संकेत भी मिला कि भविष्य में राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार नए गठबंधन की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।
2027 चुनाव से पहले बढ़ी सियासी उत्सुकता
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वोटों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। ऐसे में चंद्रशेखर आजाद के हालिया बयान राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा दे सकते हैं। फिलहाल उन्होंने किसी एक दल के साथ जाने की स्पष्ट घोषणा नहीं की है, लेकिन यह जरूर संकेत दिया है कि बातचीत और सहयोग के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हैं।