UP News: उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने बड़ा ऐलान किया है। एनडीए का हिस्सा होने के बावजूद पार्टी ने निर्णय लिया है कि वह इस बार किसी भी गठबंधन के बिना अपने दम पर पंचायत चुनाव लड़ेगी। मेरठ में शुक्रवार को हुई पंचायत चुनाव समिति की बैठक में यह घोषणा की गई।
मेरठ बैठक में हुआ बड़ा फैसला
पंचायत चुनाव समिति के प्रदेश संयोजक डॉ. कुलदीप उज्जवल ने बैठक में कहा कि पंचायत चुनाव वास्तव में गांव का चुनाव है और इसमें गांव के लोग ही भागीदारी निभाते हैं। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी गांवों में जमीनी स्तर तक जुड़ी हुई है। हम अपने संगठन और कार्यकर्ताओं की ताकत पर पूरे प्रदेश में पंचायत चुनाव लड़ेंगे।”
गठबंधन से अलग क्यों?
डॉ. उज्जवल ने स्पष्ट किया कि रालोद का एनडीए के साथ गठबंधन विधानसभा और लोकसभा चुनावों तक सीमित है, लेकिन पंचायत चुनाव स्थानीय स्तर का चुनाव है। ऐसे में इसे संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए पार्टी अकेले लड़ेगी।
प्रत्याशी चयन की बनेगी समितियां
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हर जिले में पांच सदस्यीय समिति बनाई जाएगी, जो प्रत्याशियों के चयन की जिम्मेदारी संभालेगी। रालोद का मानना है कि पंचायत चुनाव संगठन की शक्ति को निचले स्तर तक पहुंचाएगा और कार्यकर्ताओं को सक्रिय राजनीति में भागीदारी का अवसर देगा।
‘पंचायत चुनाव से होगी विधानसभा चुनाव की नींव मजबूत’
डॉ. उज्जवल ने कहा कि पंचायत स्तर पर जीत हासिल करना आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत नींव तैयार करेगा। बैठक में मेरठ और सहारनपुर मंडल के सभी पदाधिकारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष और पंचायत समिति के सदस्य मौजूद रहे।