नई दिल्ली: साल 2025 भारतीय रियल एस्टेट बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा साबित हुआ है। घरों की आसमान छूती कीमतें और आईटी सेक्टर में चल रही छंटनियों (Layoffs) का सीधा असर अब प्रॉपर्टी बाजार पर दिखने लगा है। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी ‘एनारॉक’ (Anarock) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 7 प्रमुख शहरों में आवासीय संपत्तियों की बिक्री में 14% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, हैरान करने वाली बात यह है कि बिक्री घटने के बावजूद घरों के महंगे होने के कारण कुल बिक्री मूल्य 6% बढ़कर 6 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
चेन्नई बना अकेला ‘बाजीगर’
जहां देश के बड़े-बड़े महानगरों में रियल एस्टेट मार्केट सुस्त पड़ गया, वहीं चेन्नई ने शानदार प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 7 प्रमुख शहरों में से चेन्नई एकमात्र ऐसा शहर रहा जहां निगेटिव ट्रेंड का असर नहीं हुआ। यहाँ घरों की बिक्री में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह आंकड़ा 22,180 यूनिट्स तक पहुंच गया।
क्यों गिरी घरों की बिक्री?
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी के अनुसार, बिक्री में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण रहे:
- कीमतों में उछाल: घरों की औसत कीमतों में 8% की बढ़ोतरी हुई (9,260 रुपये प्रति वर्ग फुट)।
- नौकरी का संकट: आईटी सेक्टर में छंटनी के डर से लोगों ने बड़े निवेश से हाथ खींचा।
- वैश्विक तनाव: भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं ने भी मांग पर दबाव डाला।
हैदराबाद और पुणे में सबसे बुरा हाल
आंकड़ों पर नजर डालें तो हैदराबाद के रियल एस्टेट मार्केट को सबसे बड़ा झटका लगा है, जहां बिक्री में सबसे ज्यादा 23% की गिरावट आई। वहीं, पुणे और मुंबई जैसे बड़े बाजारों में भी खरीददारों ने दूरी बनाए रखी।
| शहर (City) | बिक्री में गिरावट/बढ़त | स्थिति (Status) |
| हैदराबाद | -23% | सबसे ज्यादा गिरावट |
| पुणे | -20% | भारी गिरावट |
| मुंबई (MMR) | -18% | सुस्त बाजार |
| कोलकाता | -12% | गिरावट |
| दिल्ली-NCR | -8% | गिरावट |
| बेंगलुरु | -5% | मामूली गिरावट |
| चेन्नई | +15% | बढ़त (अपवाद) |
भविष्य की उम्मीद RBI पर टिकी
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले साल में रियल एस्टेट का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ब्याज दरों में कितनी कटौती करता है। अगर ब्याज दरें कम होती हैं और डेवलपर्स कीमतों को नियंत्रित रखते हैं, तो बाजार में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है।