महिला आरक्षण बिल को लेकर लोकसभा में बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि भले ही विपक्ष सार्वजनिक तौर पर इस संविधान संशोधन का स्वागत कर रहा हो, लेकिन व्यवहार में वह इसका विरोध कर रहा है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष उत्तर और दक्षिण की राजनीति में उलझा हुआ है.
‘वोट नहीं देंगे तो बिल गिर जाएगा’
बहस के दौरान Amit Shah ने स्पष्ट कहा, “मैं समझता हूं कि अगर ये वोट नहीं देंगे तो महिला आरक्षण बिल गिर जाएगा, लेकिन देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है.”
उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा, “शोर-शराबा करके बच जाओगे, मगर माताओं-बहनों का जो आक्रोश आपके खिलाफ है न, जब मैदान में जाओगे तब मालूम पड़ेगा. भागते हुए रास्ते नहीं मिलेगा. चुनाव में जब जाएंगे तब मालूम पड़ेगा जब मातृशक्ति हिसाब मांगेंगी.”
कांग्रेस पर साधा निशाना
Amit Shah ने कांग्रेस पर भी हमला करते हुए कहा, “मैं इस देश की मातृशक्ति को बताना चाहता हूं कि राहुल गांधी की अनुपस्थिति में कांग्रेस ने जो प्रस्ताव रखा है वो एक बहुत सुहाना चाल है महिला आरक्षण को फिर से एक बार 2029 से पहले नहीं होने देंगे.”
उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह के किसी भी ‘षड्यंत्र’ को सफल नहीं होने देगी और महिला आरक्षण को जल्द लागू करने के पक्ष में है.
धर्म के आधार पर आरक्षण पर साफ रुख
गृह मंत्री ने यह भी कहा, “यहां कुछ सदस्यों ने भ्रांति फैलाई कि मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए. मैं यहां संविधान की नीतियों को स्पष्ट करना चाहता हूं. भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नहीं करता है.”
उन्होंने विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि संविधान के किस अनुच्छेद में धर्म के आधार पर आरक्षण का प्रावधान है.