अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं या लोन की EMI चुका रहे हैं, तो आपके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का एक नया फैसला गेमचेंजर साबित होने जा रहा है। आरबीआई ने एक ड्राफ्ट निर्देश जारी किया है, जिसके तहत अप्रैल 2026 से लोगों को क्रेडिट स्कोर के लिए हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि आपका क्रेडिट स्कोर हर सात दिन में अपडेट किया जाएगा।
कब-कब अपडेट किए जाएंगे क्रेडिट स्कोर?
यह बदलाव RBI के ड्राफ्ट ‘क्रेडिट इन्फ़ॉर्मेशन रिपोर्टिंग (पहला संशोधन) निर्देश, 2025’ के तहत किया जा रहा है।
- अपडेट की फ्रिक्वेंसी: नए नियम के मुताबिक, अब क्रेडिट स्कोर महीने में दो बार के बजाय हर सात दिन में अपडेट किए जाएंगे।
- डेटा रिपोर्टिंग: इस प्रस्ताव के तहत, सभी क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियां (CICs) महीने में पांच बार बॉरोअर डेटा अपडेट करेंगी—हर महीने की 7, 14, 21, 28 और आखिरी दिन।
RBI के इस कदम का मकसद क्रेडिट डेटा की रिपोर्टिंग और अपडेट करने के तरीके में बड़ा बदलाव करना है।
क्या होगा बदलाव?
पहले बैंक या वित्तीय संस्थानों को महीने में एक या दो बार ही क्रेडिट ब्यूरो (जैसे सिबिल, इक्विफैक्स, आदि) को डेटा भेजना होता था। अब:
- भले ही बैंक और NBFC महीने में एक बार क्रेडिट रिकॉर्ड का पूरा सेट भेजेंगे, लेकिन उन्हें बीच-बीच में बड़े बदलावों की भी जानकारी देनी होगी।
- बड़े बदलावों में शामिल हैं: नया लोन या कार्ड जारी करना, अकाउंट बंद करना, रीपेमेंट अपडेट, बॉरोअर की डिटेल्स में बदलाव और लोन क्लासिफिकेशन में बदलाव, वगैरह।
- इसका मतलब है: अगर कोई क्रेडिट कार्ड बंद करता है, लोन चुकाता है या अपने रीपेमेंट ट्रैक रिकॉर्ड में सुधार करता है, तो यह बदलाव कुछ ही दिनों में उनकी क्रेडिट रिपोर्ट में दिख जाएगा।
इस नए नियम के बड़े फायदे
- तेज लोन अप्रूवल: क्रेडिट स्कोर में जितनी तेजी से सुधार आएगा, लोन अप्रूवल में भी उतनी ही तेजी आएगी, क्योंकि बैंक के पास आपका लेटेस्ट अपडेटेड डेटा रहेगा।
- इंतजार खत्म: EMI या लोन के रीपेमेंट के बाद क्रेडिट स्कोर में सुधार के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
- बेहतर क्रेडिट हेल्थ: समय-समय पर डेटा अपडेट होने का असर क्रेडिट हेल्थ पर भी तुरंत देखने को मिलेगा, जिससे बेहतर इंटरेस्ट पर आपको लोन मिलने में मदद मिलेगी।
- परेशानी कम: नए कार्ड या लोन के लिए अप्लाई करते वक्त डेटा में देरी के कारण आने वाली कोई परेशानी नहीं आएगी।