पाकिस्तान में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत की स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने जिस तरह सैन्य ठिकानों और आतंकवादी ठिकानों को सटीक निशाना बनाकर तबाह किया, उसके बाद इस मिसाइल की मांग दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है। दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश इंडोनेशिया अब भारत से ब्रह्मोस खरीदने की डील को लगभग फाइनल चरण में ले आया है। इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री सजफ्री सजमसोएद्दीन के दो दिवसीय भारत दौरे से इस संभावना को और मजबूती मिली है। वह भारत-इंडोनेशिया रक्षा मंत्रियों की तीसरी बैठक में शामिल हो रहे हैं।
इंडोनेशिया के साथ डील एडवांस स्टेज में
एक रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रह्मोस को लेकर भारत और इंडोनेशिया की बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। रूस, जिसने भारत के साथ मिलकर यह मिसाइल विकसित की है, वह भी इंडोनेशिया को ब्रह्मोस बेचने को लेकर सहमत है। बताया जा रहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मिली सफलता के बाद कई देश भारत की इस मिसाइल को खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में ब्रह्मोस का प्रदर्शन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मिसाइल 10 मई की सुबह पाकिस्तान पर किए गए सटीक सैन्य हमलों में इस्तेमाल की गई थी। भारत ने पाकिस्तान के कई अहम एयरबेस जैसे रफीकी, मुरीदके, नूर खान, रहिम यार खान, सुक्कुर और चूनियां को निशाना बनाया था। इस अटैक के बाद ब्रह्मोस की सटीकता और ताकत की दुनिया भर में चर्चा होने लगी।
ब्रह्मोस की क्षमता और कीमत
ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम भारत और रूस के संयुक्त सहयोग से विकसित हुआ। इसका पहला परीक्षण 12 जून 2001 को हुआ था।
| क्षमता/विवरण | विवरण |
| रफ्तार | मैक 3 (आवाज से तीन गुना तेज) |
| मारक क्षमता | शुरुआती रेंज 290 किमी थी, एडवांस संस्करण 500 से 800 किमी तक मारक क्षमता रखते हैं। |
| विशेषता | दुश्मन के रडार से बचते हुए बेहद कम ऊंचाई पर उड़ सकती है और एक बार लॉन्च होने के बाद खुद लक्ष्य खोजकर हमला कर सकती है। |
| लागत | रिपोर्ट्स के अनुसार, एक ब्रह्मोस मिसाइल की कीमत लगभग ₹34 करोड़ रुपये है। |
ब्रह्मोस प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत लगभग ₹2,135 करोड़ रुपये थी, जिसमें भारत की हिस्सेदारी 50.5% और रूस की 49.5% है।
भविष्य के वर्जन पर काम
भारतीय सेना के पास फिलहाल दो मुख्य वर्जन ब्रह्मोस ब्लॉक-1 और एयर-लॉन्च्ड ब्रह्मोस सेवा में हैं। भविष्य के लिए तीन और एडवांस वर्जन तैयार किए जा रहे हैं:
- 1500 किमी रेंज वाला एक्सटेंडेड वर्जन।
- मैक 8 रफ्तार वाला हाइपरसोनिक मॉडल।
- हल्का, हर प्लेटफॉर्म से लॉन्च होने वाला नेक्स्ट-जेन वर्जन।