
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के धरियावाद गांव में 21 साल की आदिवासी महिला को कथित तौर पर निर्वस्त्र घुमाए जाने के मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Rajasthan CM ashok Gehlot) ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
साथ ही सीएम गहलोत ने पीड़िता को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को दोपहर प्रतापगढ़ के धरियावद में पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभ्य समाज में इस तरह की घटनाओं और इनमें लिप्त अपराधियों का कोई स्थान नहीं है। ऐसी अमानवीय घटनाओं की एक स्वर में निंदा होनी चाहिए। इन अपराधियों को त्वरित अदालत में मुकदमा चलाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। इस दौरान गहलोत ने पीड़ित महिला को 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद के साथ ही उसे सरकारी नौकरी देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रतापगढ़ घटना में पीहर और ससुराल के आपसी पारिवारिक विवाद में ससुराल पक्ष के लोगों का कृत्य घोर निंदनीय है। घटना के संज्ञान में आते ही अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) को मौके पर जाकर इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
वहीं पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने बताया कि धरियावद थानाक्षेत्र के एक गांव में पीड़िता ने अपने पति कान्हा गमेती के अलावा सूरज, बेनिया, नेतिया, नाथू और महेंद्र के खिलाफ जबरन मोटरसाइकिल पर ले जाने और गांव में निर्वस्त्र कर घुमाने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने बताया कि महिला के ससुराल वाले उसे अगवा कर अपने गांव ले गए, जहां बृहस्पतिवार को उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। ससुराल वाले पीड़िता से नाराज थे, क्योंकि वह दूसरे पुरुष के साथ रह रही थी।