उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आज का दिन धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राम मंदिर परिसर में राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर भव्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर ट्रस्ट, प्रशासन और संत समाज कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं और रामनगरी में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है।
6000 विशेष मेहमानों को मिला निमंत्रण
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मंदिर परिसर रवाना हुए। रवाना होने से पहले उन्होंने जानकारी दी कि इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए करीब 6000 विशेष मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। इनमें राम मंदिर निर्माण से जुड़ी संस्थाएं, श्रमिक और देशभर में निधि समर्पण अभियान में भाग लेने वाले 3000 से अधिक कार्यकर्ता शामिल हैं।
राष्ट्रपति का अयोध्या आगमन सुबह लगभग 11 बजे प्रस्तावित है, जिसके बाद धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी।
वैदिक विधि से होगी ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना
कार्यक्रम के दौरान राम मंदिर के शिखर स्थल के नीचे स्थित गर्भगृह में ‘श्री राम यंत्र’ की विधिवत वैदिक स्थापना की जाएगी। बताया गया है कि यह यंत्र प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहले ही गर्भगृह में रखा जा चुका था, लेकिन अब इसे पूर्ण वैदिक परंपरा के अनुसार स्थापित किया जा रहा है।
राष्ट्रपति करेंगी संबोधन और दर्शन-पूजन
पूरे कार्यक्रम का समय दोपहर करीब 2:45 बजे तक निर्धारित किया गया है। वहीं सुबह 11:40 बजे राष्ट्रपति द्वारा श्री राम यंत्र स्थापना से जुड़ा संबोधन प्रस्तावित है। इस दौरान राष्ट्रपति मंदिर परिसर में मौजूद मठ-मंदिरों और परकोटा क्षेत्र में दर्शन-पूजन करेंगी और मुख्य मंदिर में राम दरबार का आशीर्वाद लेंगी।
धार्मिक अनुष्ठानों के बाद आमंत्रित अतिथियों के सम्मान समारोह का आयोजन होगा, जिसमें राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। जानकारी के अनुसार अब तक 10,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं।
संत समाज में उत्साह का माहौल
कार्यक्रम को लेकर संत समाज में भी खास उत्साह दिखाई दे रहा है। विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी आलोक कुमार ने राष्ट्रपति के आगमन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “राजसत्ता का धर्मसत्ता के सामने मस्तक झुकाना भारतीय परंपरा के अनुरूप है और इससे गरिमा बढ़ती है.” उन्होंने मंदिर निर्माण में श्रमिकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके सम्मान की सराहना की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए राम मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। ट्रस्ट द्वारा जारी विशेष आई कार्ड के आधार पर ही आमंत्रित लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। इन आई कार्ड में बारकोड और आधार से जुड़ी जानकारी दर्ज है, जिसकी जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति मिल रही है।
आमंत्रित मेहमानों का प्रवेश सुबह 8 बजे से शुरू हो चुका है और यह प्रक्रिया 10 बजे तक जारी रहेगी। सभी मेहमानों को निर्धारित ‘क्रॉसिंग-2’ मार्ग से मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है।