वन नेशन वन इलेक्शन को प्रमोद तिवारी ने शिगूफा बताया, कहा- विफलताओं से ध्यान बंटाने की कोशिश

राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने मोदी सरकार के वन नेशन वन इलेक्शन को भाजपा का एक और शिगूफा करार दिया है। उन्होंने कहा कि चार राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर जनता का ध्यान विफलताओं और मुददों से हटाने के लिए मोदी सरकार ने इस सियासी ड्रामे की पटकथा तैयार की है।

उन्होंने कहा कि महंगाई तथा बेरोजगारी व चीन तथा जम्मू कश्मीर में सामरिक क्षेत्र में सरकार की कूटनीतिक विफलता को लेकर रोज सवाल खड़े हो रहे हैं।

कांग्रेस के स्टार प्रचारक के रूप में प्रमोद तिवारी तीन दिवसीय चुनावी दौरे पर जम्मू-कश्मीर की यात्रा पर पहुंचे हैं। जम्मू एयरपोर्ट पर कांग्रेसियों ने प्रमोद तिवारी का गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रमोद तिवारी ने कहा कि देश के संघीय ढांचे में वन नेशन वन इलेक्शन संघ की भावना के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से सवाल दागा कि वह देश को यह बताएं कि इस कानून को प्रभावी बनाने के लिए उसके पास दो तिहाई बहुमत कहां से हासिल हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का यह शिगूफा पूरी तरह से संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन करने का एक और नकारात्मक प्रयास है।

प्रमोद तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार का यह कदम लोकतंत्र में चुनाव मिलने वाले जनादेश की जवाबदेही से बचते हुए सत्ता की निरंकुशता की लालसा प्रकट करता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर भी भाजपा और मोदी सरकार की घेराबंदी की है। कहा कि दस साल बाद सुप्रीम कोर्ट की मंशा के तहत जम्मू-कश्मीर में चुनाव हो रहे है।

कहा कि पाकिस्तान और भाजपा एक दूसरे की भाषा हुआ करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा और पाकिस्तान एक दूसरे के फायदे के लिए ही बोलते हैं। भाजपा इकलौती ऐसी पार्टी है जिसने एक पूर्ण राज्य को केन्द्र शासित प्रदेश बना दिया। उन्होंने जम्मू संभाग में भी इस समय सरकार की कमजोरी से आतंकी हमलों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने को देश के लिए अत्यन्त चिन्ताजनक कहा।

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