BJP का Gen-Z प्लान तैयार! छात्र आंदोलन के बाद युवाओं तक पहुंचने के लिए बदलेगी रणनीति, कोचिंग से Instagram तक होगा फोकस

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने Gen-Z युवाओं तक अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए नई रणनीति बनाने का फैसला किया है। भाजपा युवा मोर्चा का कहना है कि अब संगठन युवाओं की भाषा, उनकी सोच, समस्याओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म को समझते हुए सीधे संवाद करेगा। इसके लिए प्रदेश से लेकर मंडल स्तर तक विशेष अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।

Gen-Z की भाषा समझकर होगा संवाद: रोहित मिश्रा

भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने कहा कि संगठन अब युवाओं से उनकी भाषा और उनके पसंदीदा प्लेटफॉर्म पर संवाद करेगा। छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसकी भी एक मर्यादा होती है।

उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा युवाओं के बीच जाकर उनकी बातें सुनेगा और उनकी समस्याओं के समाधान पर काम करेगा।

‘व्यूज और रीच के चक्कर में संस्कार भूल रही है नई पीढ़ी’

रोहित मिश्रा ने कहा कि आज की Gen-Z पीढ़ी सोशल मीडिया पर व्यूज और रीच की दौड़ में अपने संस्कारों से दूर होती जा रही है। उनके अनुसार, संगठन युवाओं के बीच जाकर उनकी भाषा में संवाद करेगा और उन्हें वास्तविक मुद्दों से जोड़ने का प्रयास करेगा।

उन्होंने कहा कि आज के युवा इंस्टाग्राम पर 30 सेकेंड के वीडियो में हर विषय को समझने की कोशिश करते हैं, लेकिन भाजपा उनके वास्तविक मुद्दों और चुनौतियों पर गंभीरता से काम करेगी।

कोचिंग, क्लबिंग और भजन-कीर्तन के जरिए जुड़ेंगे युवा

भाजपा युवा मोर्चा ने युवाओं से जुड़ने के लिए कई नए माध्यम अपनाने की बात कही है। रोहित मिश्रा के अनुसार, संगठन कोचिंग संस्थानों, क्लबिंग गतिविधियों और भजन-कीर्तन जैसे सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं तक पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि युवाओं के भीतर बदलाव की इच्छा स्वाभाविक है और संगठन उनकी भावनाओं को समझते हुए सकारात्मक दिशा देने का प्रयास करेगा।

प्रदेश से मंडल स्तर तक बनेगी नई टीम

रोहित मिश्रा ने बताया कि युवा मोर्चा प्रदेश, महानगर, मंडल और स्थानीय स्तर तक नई टीमों का गठन करेगा। इन टीमों में ऐसे लोगों को शामिल किया जाएगा जो युवाओं के बीच सक्रिय रहकर उनकी समस्याएं सुनें और उनके समाधान के लिए काम करें।

उन्होंने कहा कि बढ़ते न्यूक्लियर परिवारों, स्वतंत्रता और स्वच्छंदता के अंतर जैसे सामाजिक विषयों पर भी युवाओं के साथ चर्चा की जाएगी। साथ ही पुरानी सामाजिक व्यवस्था और सामुदायिक मूल्यों को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास होगा।

2047 के विकसित भारत के लक्ष्य पर रहेगा फोकस

रोहित मिश्रा ने सरकार से भी अपील की कि टेलीविजन और अन्य माध्यमों पर युवाओं के लिए सकारात्मक और प्रेरणादायक सामग्री प्रसारित की जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि युवाओं के साथ सही संवाद स्थापित किया गया तो वे 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने पूर्व की भर्ती प्रक्रियाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं के बीच पुरानी व्यवस्थाओं और वर्तमान बदलावों की जानकारी भी पहुंचाई जाएगी।

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