कर्नाटक की हासन लोकसभा सीट से पूर्व सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार के एक मामले में अदालत ने दोषी करार दिया है। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि वह रेवन्ना के फार्महाउस में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी और उसी दौरान उसके साथ कई बार यौन शोषण हुआ। अब इस मामले में शनिवार को कोर्ट उनकी सजा का ऐलान करेगा।
पहला मामला होलेनारासीपुरा थाने में हुआ था दर्ज
यह केस प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ दर्ज चार मामलों में से पहला था, जिसकी सुनवाई बेंगलुरु की विशेष जनप्रतिनिधि अदालत में हुई। यह मामला होलेनारासीपुरा ग्रामीण पुलिस थाने में दर्ज हुआ था। बाकी तीन मामलों की सुनवाई फिलहाल जारी है।
एसआईटी और सीआईडी जांच, 26 गवाहों के बयान
रेवन्ना को फिलहाल न्यायिक हिरासत में रखा गया है। इस केस की जांच शुरुआत में एसआईटी ने की थी, जिसे बाद में सीआईडी को सौंपा गया। जांच का नेतृत्व इंस्पेक्टर शोभा ने किया और उन्होंने 26 गवाहों के बयान लेकर विस्तृत चार्जशीट दायर की।
कोर्ट ने खारिज की जमानत, सुप्रीम कोर्ट तक गई थी याचिका
अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना को दोषी करार दिया। विशेष लोक अभियोजक ने सबूतों के आधार पर रेवन्ना को जिम्मेदार ठहराया जबकि बचाव पक्ष ने जमानत की अपील की। लेकिन निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक उनकी याचिकाएं खारिज कर दी गईं।
2000 से अधिक अश्लील वीडियो वायरल, ब्लैकमेलिंग के भी आरोप
इस मामले को गंभीरता तब मिली जब प्रज्वल रेवन्ना के 2000 से ज्यादा अश्लील वीडियो सामने आए। आरोप है कि वह महिलाओं से संबंध बनाकर उनका वीडियो बनाते थे और फिर उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते थे। अप्रैल 2024 में दर्ज पहली शिकायत में पीड़िता ने कहा था कि 2021 से ही उसके साथ कई बार दुष्कर्म हुआ और वीडियो के ज़रिए डराया गया।
रेवन्ना और उनके पिता पर भी केस
रेवन्ना के खिलाफ दो मामले बेंगलुरु साइबर क्राइम थाने में दर्ज हैं, वहीं उनके पिता एचडी रेवन्ना पर भी केआर नगर थाने में केस दर्ज किया गया है। इन मामलों की भी जांच एसआईटी कर रही है।