प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (29 मार्च) को आकाशवाणी पर प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 132वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए वैश्विक हालात, मिडिल ईस्ट संकट और पेट्रोल-डीजल की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि दुनिया चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत सामूहिक प्रयासों से इस स्थिति का मजबूती से सामना कर रहा है।
वैश्विक संघर्ष से ऊर्जा क्षेत्रों पर असर
प्रधानमंत्री ने कहा कि मार्च का महीना वैश्विक स्तर पर कई बड़ी घटनाओं से भरा रहा है। कोविड संकट के बाद दुनिया से स्थिरता की उम्मीद थी, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों में युद्ध और संघर्ष की स्थितियां लगातार सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि चल रहे संघर्षों का असर प्रमुख ऊर्जा क्षेत्रों पर पड़ रहा है, जिससे दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट गहराता जा रहा है।
‘हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध’
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पड़ोसी क्षेत्र में पिछले एक महीने से भीषण युद्ध चल रहा है, जिसका असर वहां रहने वाले भारतीयों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने खाड़ी देशों का आभार जताते हुए कहा कि वहां रहने वाले एक करोड़ से अधिक भारतीयों को स्थानीय सरकारों द्वारा हर संभव सहायता दी जा रही है।
अफवाहों से सावधान रहने की अपील
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से खास अपील करते हुए कहा:
“यह चुनौतीपूर्ण समय है, हमें एकजुट होकर इससे बाहर निकलना है। सभी नागरिक जागरूक रहें और अफवाहों के बहकावे में न आएं।”
उन्होंने कहा कि भारत के मजबूत वैश्विक संबंध और पिछले दशक में बनी आर्थिक-रणनीतिक क्षमता की वजह से देश मौजूदा ऊर्जा संकट का डटकर सामना कर पा रहा है।
पेट्रोल-डीजल पर क्या बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने से कई देशों में ईंधन संकट की स्थिति बन रही है, लेकिन भारत ने बेहतर योजना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए आपूर्ति को संतुलित बनाए रखा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और स्वास्थ्य पर भी दिया संदेश
‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने स्वास्थ्य और फिटनेस पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अब 100 दिन से भी कम दूर है और दुनिया भर में योग के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने देशवासियों से शुगर का सेवन कम करने और खाने के तेल में 10 प्रतिशत तक कटौती करने की अपील भी की, ताकि स्वस्थ जीवनशैली अपनाई जा सके।