पटना। बिहार की राजनीति में चुनावी गर्मी तेज हो गई है। 2025 के विधानसभा चुनाव में अब चंद महीने बाकी हैं, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजनीतिक अखाड़े में बड़ा दांव खेल दिया है। बीते दो महीनों में उन्होंने एक के बाद एक बड़ी घोषणाएं कर विपक्ष को चौंका दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश अब सीधा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को घेरने की तैयारी में जुट गए हैं।
हर वर्ग को साधने की कोशिश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिन योजनाओं की घोषणा की है, उनमें युवाओं से लेकर बुजुर्गों, महिलाओं, दलितों और पत्रकारों तक — हर वर्ग को ध्यान में रखा गया है। इसका मकसद साफ है — चुनाव से पहले जनता के हर तबके को अपने साथ जोड़ा जाए।
इन बड़ी घोषणाओं से बदला चुनावी समीकरण
- पेंशन योजना में बढ़ोतरी:
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत वृद्ध, विधवा और दिव्यांग लोगों को अब ₹400 की बजाय ₹1100 प्रतिमाह दिए जाएंगे। - महिला समूहों को राहत:
जीविका परियोजना के तहत 3 लाख रुपये से अधिक के बैंक लोन पर अब 10% की जगह सिर्फ 7% ब्याज देना होगा। - युवा आयोग का गठन:
स्थानीय युवाओं को निजी नौकरियों में प्राथमिकता देने और राज्य से बाहर पढ़ने व काम करने वालों के हितों की निगरानी के लिए एक युवा आयोग बनाया गया है। - एक करोड़ रोजगार का लक्ष्य:
2025 से 2030 के बीच एक करोड़ सरकारी नौकरी व रोजगार देने का ऐलान किया गया है। - फ्री बिजली में तेजस्वी को जवाब:
तेजस्वी यादव ने जहां 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात की थी, वहीं नीतीश कुमार ने तुरंत 125 यूनिट मुफ्त बिजली लागू कर दी। - पत्रकारों को राहत:
पत्रकारों की पेंशन ₹6000 से बढ़ाकर ₹15,000 की गई है। निधन के बाद उनके जीवनसाथी को अब ₹10,000 की मासिक पेंशन मिलेगी। - सफाई कर्मचारी आयोग का गठन:
राज्य के सफाई कर्मचारियों के लिए अलग आयोग की स्थापना की गई है।
क्या कहते हैं राजनीतिक जानकार?
राजनीतिक विश्लेषक संतोष कुमार के मुताबिक, नीतीश कुमार को अब यह एहसास हो चुका है कि तेजस्वी यादव मजबूत चुनौती बनकर उभर सकते हैं। उन्होंने कहा,
“निश्चित तौर पर नीतीश कुमार को फायदा हो सकता है। क्योंकि तेजस्वी कहेंगे कि उनके कहने पर यह सब हो रहा है, लेकिन एनडीए के नेता यह कह सकते हैं कि हम सिर्फ वादा नहीं करते, उसे पूरा भी करते हैं। कुल मिलाकर इन घोषणाओं से नीतीश को लाभ मिलता दिख रहा है।”
तेजस्वी के वादों पर नीतीश की काट?
तेजस्वी यादव ने भी कई लोकलुभावन घोषणाएं की हैं, जैसे –
- 200 यूनिट मुफ्त बिजली
- “माई बहिन मान योजना” के तहत हर महिला को ₹2500 प्रतिमाह
- ₹500 में गैस सिलेंडर देने का वादा
लेकिन इससे पहले कि ये वादे वोट में बदलें, नीतीश कुमार ने पहले ही उन्हें लागू करने जैसा कदम उठाकर बढ़त ले ली है।
बिहार की राजनीति में यह मुकाबला वादों से वादों का हो गया है। लेकिन किसे इसका असली फायदा मिलेगा — यह तो आने वाले चुनाव परिणाम ही बताएंगे। फिलहाल, नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव की रणनीति पर जबरदस्त पलटवार किया है।