मुसलमान अछूत बना दिए; कांवड़ यात्रा के रूट पर नाम बताने वाले आदेश से भड़के ओवैसी

उत्तर प्रदेश पुलिस पर आरोप लग रहा है कि उसने कांवड़ यात्रा के रूट पर दुकानदारों को पूरा नाम बड़े अक्षरों में लिखने का आदेश दिया है। इस मामले में अब एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी टिप्पणी की है।उन्होंने कहा कि इस तरह का आदेश अछूत को बढ़ावा देना है। ऐसा लगता है कि मुसलमानों को अछूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश सरकार ने जिस तरह कांवड़ यात्रा के रूट पर दुकानदारों से अपने नाम बताने को कहा है, वह गलत है। हम इसकी निंदा करते हैं। यह अछूत जैसी बुराई को बढ़ावा देने वाला है। यह संविधान का उल्लंघन है। यह आजीविका के अधिकार का उल्लंघन है।’

ओवैसी ने कहा कि इस तरह का आदेश आर्टिकल 17 के खिलाफ है, जो अछूत के बारे में बोलता है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जब से यह आदेश योगी सरकार ने दिया है, तब से उस हाईवे पर बने ढाबों से मुस्लिम कर्मचारियों को निकाल दिया गया है। क्या एक यात्रा को आप इतना महत्व देंगे कि दूसरों की आजीविका को बर्बाद कर देंगे। आखिर संविधान कहां चला गया? फिर मोदी जी संविधान को पूजते हैं। हिंदुत्ववादी संगठनों के दबाव में आकर यह बोला जा रहा है कि यह मुसलमान की दुकान है, उसमें न जाएं। मैं चुनौती देता हूं कि लिखित आदेश निकालकर दिखाएं। मुसलमानों से खुला भेदभाव हो रहा है और यह बताता है कि उन्हें दूसरी श्रेणी का नागरिक बनाना है।मायावती बोलीं- ऐसे आदेश से तो माहौल ही बिगड़ जाएगा

हैदराबाद के सांसद ने कहा कि इस आदेश के बाद मुजफ्फरनगर के ढाबों से सारे मुस्लिम कर्मचारियों को निकाल दिया गया है। उसी रूट पर केएफसी जैसे रेस्तरां भी हैं। आखिर उनसे कोई कुछ क्यों नहीं कहता। क्या उनसे इन लोगों की कोई डील हो गई है। पूर्व सीएम मायावती ने भी इस आदेश की निंदा की है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि होटल, ढाबा, ठेला आदि के दुकानदारों से मालिक का पूरा नाम लिखवाना गलत परंपरा है। इससे सौहार्दपूर्ण माहौल खराब हो सकता है। जनहित में यूपी सरकार को इसे तुरंत वापस लेना चाहिए।

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