मुंबई में साइबर ठगी गैंग का भंडाफोड़, बैंक खाते और सिम बेचने वाले 7 गिरफ्तार

मुंबई: साइबर अपराधियों को बैंक अकाउंट और सिम कार्ड बेचने वाले गिरोह पर मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 2 ने कांदिवली में छापा मारकर सात लोगों को गिरफ्तार किया। इनके पास से दो लैपटॉप, एक प्रिंटर, 25 मोबाइल फोन, 25 पासबुक, 30 चेकबुक, 46 एटीएम कार्ड, स्वाइप मशीन और 104 सिम कार्ड बरामद किए गए।

गरीबों से अकाउंट खरीदकर ठगों को बेचते थे

डीसीपी राज तिलक रौशन ने बताया कि गिरोह लोअर मिडल क्लास और गरीब लोगों को 7–8 हजार रुपये देकर उनके नाम पर खुले बैंक अकाउंट और सिम कार्ड खरीद लेता था। पुलिस ने ऐसे 5 लोगों को भी गिरफ्तार किया है जिन्होंने अपने अकाउंट बेचे थे। हर व्यक्ति ने औसतन 3-4 बैंक अकाउंट बेचे। जांच में सामने आया कि गिरोह अब तक 943 बैंक अकाउंट खरीद चुका है, जिनमें से 181 खातों का इस्तेमाल साइबर क्राइम जैसे डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन शॉपिंग और शेयर ट्रेडिंग में हुआ।

339 शिकायतें, 60 करोड़ से ज्यादा का फ्रॉड

साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अब तक इन अकाउंट्स से जुड़ी 339 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें से मुंबई से 16 शिकायतें (14 FIR), महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों से 46 शिकायतें (12 FIR) और अन्य राज्यों से 277 शिकायतें (33 FIR) मिलीं।
जांच में खुलासा हुआ कि 60.82 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड इन खातों के जरिए किया गया। पुलिस ने 10.95 करोड़ रुपये इन खातों में फ्रीज कर दिए हैं। पैसे का कुछ हिस्सा देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों में भी ट्रांसफर किया गया था।

खाता बेचने वालों को भी होगी जेल

डीसीपी रौशन ने चेतावनी दी कि अपने बैंक अकाउंट को किसी को बेचना अपराध है। इस मामले में उन सभी को आरोपी बनाया गया है जिन्होंने अपने नाम के अकाउंट ठगों को बेचे। पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने और साइबर अपराधियों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *