मोबाइल सेवाओं का उपयोग करने वाले करोड़ों ग्राहकों को जल्द ही जेब पर भारी पड़ने वाला झटका लग सकता है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, टेलिकॉम कंपनियां इस साल के अंत तक अपने मोबाइल प्लान्स की कीमतों में 10 से 12 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं टैरिफ?
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और ऐनालिस्ट्स का मानना है कि एक्टिव यूजर्स की संख्या में लगातार बढ़ोतरी के चलते कंपनियों की कमाई बढ़ाने की भूख और तेज हो गई है। मई 2024 में 7.4 मिलियन नए एक्टिव यूजर्स जुड़े, जिससे कुल संख्या 1.08 बिलियन हो गई — जो पिछले 29 महीनों में सबसे तेज ग्रोथ है।
- जियो ने अकेले मई में 5.5 मिलियन एक्टिव यूजर्स जोड़े, जिससे उसका शेयर बढ़कर 53% हो गया।
- एयरटेल ने 1.3 मिलियन नए एक्टिव यूजर्स जोड़े और उसका मार्केट शेयर 36% पर पहुंचा।
जुलाई में पहले ही बढ़ चुके हैं रिचार्ज रेट्स
विशेषज्ञों ने यह भी चेताया कि जुलाई 2024 में ही बेसिक प्लान्स की कीमतों में 11-23% तक की वृद्धि हो चुकी है। ऐसे में साल के अंत तक अगर फिर से टैरिफ हाइक होता है, तो वह कम आय वाले उपभोक्ताओं के लिए बेहद बोझिल हो सकता है।
किस सेगमेंट पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
विश्लेषकों के अनुसार, इस बार टैरिफ बढ़ोतरी का असर सभी यूजर सेगमेंट पर समान नहीं होगा।
- मिड और अपर-सेगमेंट के प्लान्स को टारगेट किया जा सकता है।
- बेसिक यूजर्स पहले से ही बढ़े हुए दामों से जूझ रहे हैं, इसलिए वहां बढ़ोतरी सीमित रहने की उम्मीद है।
टियर प्राइसिंग और डेटा में कटौती की आशंका
विशेषज्ञों ने यह भी संभावना जताई है कि अगली बार कंपनियां टियर प्राइसिंग शुरू कर सकती हैं, यानी ज्यादा डेटा पैक पर मिलने वाले डेटा बेनिफिट्स में कटौती की जा सकती है।
क्या कहती हैं ब्रोकरेज फर्म्स?
ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का कहना है कि रिलायंस जियो जैसी कंपनियों की मजबूती और सब्सक्राइबर ग्रोथ उन्हें टैरिफ हाइक के लिए उचित माहौल देती है।
- वोडाफोन आइडिया के लगातार ग्राहक खोने से जियो और एयरटेल को मार्केट शेयर बढ़ाने में फायदा मिल रहा है।
- इससे उन्हें रेट एडजस्टमेंट कर राजस्व बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
अगर टेलिकॉम कंपनियों ने टैरिफ में 10-12% की और बढ़ोतरी की, तो यह आम उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक दबाव ला सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो सीमित बजट में मोबाइल सेवाओं का उपयोग करते हैं। मिड और हाई-एंड यूजर्स को अगली कीमतों में इजाफा झेलने के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।
अब देखना यह होगा कि यह संभावित बढ़ोतरी बाजार में ग्राहकों के रुझान को कैसे प्रभावित करती है।