मेरठ में आएगी इंडस्ट्रियल क्रांति, ₹214 करोड़ के लॉजिस्टिक्स क्लस्टर को योगी कैबिनेट की मंजूरी

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मेरठ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) परियोजना को मंजूरी दे दी गई है।

अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत विकसित होने वाली यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

₹213.81 करोड़ से होगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

कैबिनेट ने मेरठ में बनने वाले इस क्लस्टर के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹213.81 करोड़ (लगभग ₹21381.93 लाख) के बजट को मंजूरी दी है। परियोजना को EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर लागू किया जाएगा ताकि निर्माण कार्य तय समय और गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरा हो सके।

क्लस्टर में विकसित होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

मेरठ नोड में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं—

  • चौड़ी सड़कों का नेटवर्क और आरसीसी नालियों का निर्माण
  • अत्याधुनिक फायर स्टेशन और भूमिगत जलाशय
  • निर्बाध जलापूर्ति व्यवस्था
  • मजबूत बिजली आपूर्ति प्रणाली
  • सुरक्षा के लिए फेंसिंग और आवश्यक औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर

एक्सप्रेसवे नेटवर्क से मिलेगा बड़ा लाभ

यह क्लस्टर Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority (UPEIDA) द्वारा विकसित औद्योगिक कॉरिडोर नेटवर्क का हिस्सा होगा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे कुल 29 स्थानों पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं।

गंगा एक्सप्रेसवे के नजदीक होने के कारण मेरठ का यह क्लस्टर दिल्ली-एनसीआर और प्रयागराज के बीच एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर सकता है।

रोजगार और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना से कई बड़े फायदे होने की उम्मीद है—

  • स्थानीय युवाओं के लिए विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में हजारों रोजगार अवसर
  • बेहतर कनेक्टिविटी से माल ढुलाई लागत में कमी
  • MSME उद्योगों के लिए मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम
  • क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई रफ्तार

सरकार का मानना है कि यह क्लस्टर मेरठ समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को औद्योगिक निवेश का नया केंद्र बना सकता है।

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