
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि हर महीने जो आपको राशन मिलता है। वह बीजेपी और एसएसएस की देन नहीं है, आपके टैक्स की देन है। यह गरीबी, बेरोजगारी हटाने के लिए स्थायी समाधान नहीं है।हर हाथ को काम जरूरी है। जिनकी कथनी और करनी में अंतर हो, उन्हें सत्ता में आने से रोकना होगा। विपक्षियों का घोषणापत्र केवल हवा-हवाई है, इसमें जमीनी हकीकत कुछ नहीं है।बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को जौनपुर के सवंसा में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित कर रहीं थीं। बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस, भाजपा और सपा पर जमकर निशाना साधा। कहा कि आजादी मिलने पर पहली सरकार में बाबा साहब डॉ.भीमराव आंबेडकर कानून मंत्री थे। उस समय उन्होंने दलितों के आरक्षण को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू से कहा था कि जो प्रावधान है, उस हिसाब से आरक्षण नहीं मिल रहा है, यह मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री नहीं दिला सके तब बाबा साहब को मंत्रीमंडल से त्याग पत्र देना पड़ा। आज कांग्रेस के चेले-चाटे कहते हैं कि हम आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, जबकि इनके पुरखे विरोध करते थे। भाजपा भी कम नहीं है। उनकी गलत नीतियों के कारण किसान दुखी है और परेशान है। कहा कि जब प्रदेश में सपा की सरकार थी तो एससी-एससी के आरक्षण को ठीक से नहीं दिया गया।