पुलिस की रोक के बावजूद सड़क पर उतरीं ममता! धरने से दी चुनौती, बोलीं- ‘लड़ेंगे या मरेंगे’

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बढ़ती खींचतान और पार्टी नेताओं पर कथित हमलों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सड़क पर उतर आई हैं। कोलकाता के एस्प्लेनेड स्थित Y-चैनल धरना स्थल पर उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू किया, जहां उनके साथ पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी, कई विधायक और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।

यह प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब पार्टी के भीतर मतभेद और टूट की चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं, जिससे टीएमसी नेतृत्व के सामने नई राजनीतिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

अनुमति नहीं मिलने के बावजूद किया प्रदर्शन

कोलकाता पुलिस ने 1 जून को ममता बनर्जी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद ममता अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचीं और प्रदर्शन में शामिल हुईं।

धरने के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को दबाव में लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में वह हमेशा उन लोगों के साथ खड़ी रहीं, जिनकी विचारधारा उनकी पार्टी से अलग रही हो।

बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “लड़ेंगे या मरेंगे.”

अभिषेक बनर्जी पर हमले का भी उठाया मुद्दा

धरने के दौरान ममता बनर्जी ने डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पहले उनसे मदद मांगी थी, वही लोग कठिन समय में उनके साथ नहीं खड़े हुए।

ममता बनर्जी ने कहा, “बीजेपी अध्यक्ष कई बार मुझे फोन करके मदद मांगते थे, लेकिन मैंने यह बात कभी मीडिया को नहीं बताई. बीजेपी को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों से मेरे अच्छे संबंध हैं, लेकिन जब भी बीजेपी ने मदद मांगी, मैंने उनकी मदद की है. मैंने उनके बुरे समय में उनकी सहायता की है. मैंने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन भी किया था. मैं यहां हूं और यहां रहूंगी.”

गिरफ्तारी की चुनौती, दिल्ली जाने की भी चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि यदि प्रशासन चाहे तो उन्हें गिरफ्तार कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोलकाता में उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं मिलेगी तो वह अपनी आवाज उठाने के लिए दिल्ली जाएंगी।

धरना स्थल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। कार्यक्रम में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।

पार्टी तोड़ने की कोशिश का लगाया आरोप

एक दिन पहले यानी 1 जून को ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि पुलिस राजनीतिक हस्तक्षेप के जरिए उनकी पार्टी को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा, “पुलिस एक राजनीतिक दल को तोड़ने की कोशिश कर रही है. अगर आप मुझे यहां लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन नहीं करने देंगे तो मैं दिल्ली चली जाऊंगी. हमारी INDIA गठबंधन की बैठक भी है. बंगाल में एसआईआर के जरिए हमें हराया गया. 177 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव में धांधली हुई और EVM को हैक किया गया. मैं स्वयं पीड़ित हूं. जब मैं 13,000 वोटों से जीत रही थी, तब मुझे मतगणना केंद्र से जबरन बाहर निकाल दिया गया.”

चुनावी हार के बाद पहली बार सड़क पर दिखीं ममता

हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में पार्टी को मिली बड़ी हार के बाद यह पहला मौका है जब ममता बनर्जी किसी बड़े सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन में नजर आई हैं। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भी चर्चा तेज है कि पार्टी के कितने विधायक और नेता उनके साथ खड़े दिखाई देते हैं।

सोमवार को दो विधायकों को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद टीएमसी के अंदरूनी हालात पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में ममता का यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने वाला अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *