BSP में बड़ा एक्शन: मायावती ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को फिर किया बाहर, सभी जिम्मेदारियां छीनीं

बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर सख्त संगठनात्मक कार्रवाई करते हुए आकाश आनंद के ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इससे पहले उन्हें पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया था, लेकिन अब उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से भी बाहर कर दिया गया है। इसकी जानकारी मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी।

मायावती ने अपने पोस्ट में बताया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण को लेकर प्रदेश नेतृत्व के साथ समन्वय न रखने, अनुशासनहीनता और पार्टी के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के कारण अशोक सिद्धार्थ को पहले भी पार्टी से निकाला गया था।

दोबारा मौका मिला, लेकिन जिम्मेदारियां निभाने में रहे असफल

बसपा प्रमुख ने बताया कि बाद में अशोक सिद्धार्थ को इस शर्त पर दोबारा पार्टी में शामिल किया गया था कि वे भविष्य में अनुशासन का पालन करेंगे। साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश की बजाय अन्य राज्यों में पार्टी का जनाधार बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

मायावती के अनुसार, जिन राज्यों में उन्हें BSP कोऑर्डिनेटर के रूप में जिम्मेदारी दी गई, वहां वे अपेक्षित तरीके से अपनी भूमिका नहीं निभा सके। उन्होंने कहा कि केवल कर्नाटक ही नहीं, बल्कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी लगातार अनुशासनहीनता और पार्टी के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की शिकायतें मिलती रहीं। कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद सुधार नहीं होने पर पहले उन्हें सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया और अब पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।

यूपी लौटने की खबरों पर मायावती ने जताई नाराजगी

मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के उत्तर प्रदेश में सक्रिय होने की खबरें जानबूझकर भ्रम फैलाने और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए चल रहे पार्टी अभियान को प्रभावित करने की साजिश हैं।

उन्होंने कहा, “यूपी में इनके वापस लौटने की खबरें जानबूझकर पार्टी में भ्रम की स्थिति फैलाकर आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव के सघन अभियान को प्रभावित करने का षडयंत्र है. अतः पार्टी व मूवमेन्ट के हित में अशोक सिद्धार्थ को रविवार (2 अगस्त) को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है और अब इन्हें पार्टी में आगे कतई भी वापिस नहीं लिया जाएगा.”

रणधीर सिंह बेनीवाल पर भी हुई कार्रवाई

बसपा सुप्रीमो ने बताया कि सहारनपुर निवासी रणधीर सिंह बेनीवाल, जिन्हें पंजाब के साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उनके खिलाफ भी लगातार अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों की अनदेखी की शिकायतें मिल रही थीं।

इसी के चलते पार्टी और आंदोलन के हित को देखते हुए उन्हें भी रविवार को तत्काल प्रभाव से BSP से निष्कासित कर दिया गया।

रामजी गौतम को फिर मिली पंजाब की जिम्मेदारी

मायावती ने बताया कि संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर किए गए फेरबदल के तहत राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथ पंजाब का प्रभारी भी दोबारा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि रामजी गौतम आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के साथ-साथ अगले लोकसभा चुनाव तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।

यूपी को लेकर BSP नेतृत्व ने स्पष्ट की नीति

मायावती ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में BSP की नीति यह है कि उत्तर प्रदेश के जो वरिष्ठ पदाधिकारी और कोऑर्डिनेटर अन्य राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में किसी भी प्रकार की पार्टी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।

साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे तत्वों से सतर्क रहें, जो आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत से BSP की सरकार बनाने के अभियान को किसी भी तरह प्रभावित करने या भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

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