
वीआईपी लोगों को चूना लगाने में माहिर ठग संजय शेरपुरिया ने एक बुजुर्ग महिला से प्रधानमंत्री आवास के पास की उसकी प्रॉपर्टी हड़प ली थी। शेरपुरिया ने महिला से उसकी देखभाल का वादा करके केवल 40 लाख रुपये में प्रॉपर्टी ले ली।
2017 में वह परिवार के साथ दिल्ली में रहने आ गया और महिला को गुरुग्राम में किराए के एक घर में शिफ्ट कर दिया। इसके बाद उसने इस इमारत को अपना क्लब ऑफिस और आवास बना लिया।
अप्रैल महीने में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने शेरपुरिया को गिरफ्तार किया था। वह प्रधानमंत्री और पीएमओ के नाम का इस्तेमाल करके बड़े-बड़े उद्योगपतियों को ठग रहा था। यूपी एसटीएफ से सुराग मिलने के बाद ईडी ने भी उसकी जांच-पड़ताल शुरू की। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक जिस दिल्ली राइडिंग क्लब पर शेरपुरिया ने कब्जा कर लिया उसे 1968 में दूसरे विश्वयुद्ध के योद्धा कैप्टेन कुंदन सिंह ने एक अमेरिकी दंपती के साथ मिलकर बनाया था। यह सफदरजंग टॉम्ब के पास पेड़ों से ढका काफी खूबसूरत इलाका है।
ईडी के मुताबिक शेरपुरिया के पास गुजरात और महाराष्ट्र में कई फर्ची कंपनियां हैं जो कि भारी नुकसान और कर्ज में डूबी हैं। जब बैंकों ने उसका पीछा शुरू किया तो शेरपुरिया ने 2016 में दिल्ली में अपना ठिकाना बना लिया। इसके अलावा गुरुग्राम के फ्लैट को किराए पर उठा दिया।इसी दौरान वह बीरू सहगल नाम की महिला के संपर्क में आा जो कि दिल्ली राइडिंग क्लब की मालकिन थी। वह प्रधानमंत्री आवास के पास ही रहती थीं। शेरपुरिया के ड्राइवर ने जानकारी दी थी कि बुजुर्ग महिला अब अपनी उम्र की वजह से क्लब भी नहीं चला पा रही है।
संजय शेरपुरिया ने सोचा कि अगर प्रधानमंत्री आवास के पास की प्रॉपर्टी उसे मिल जाए और वह वहां रहने लगे तो उसके लिए प्रधानमंत्री और पीएमओ का करीबी होने का नाटक करना आसान हो जाएगा। इसके बाद वह कई बार सहगल से मिला। शेरपुरिया ने महिला से वादा किया कि वह क्लब को भी चलाएगा और उनके लिए एक नया घर भी बनाकर देगा। ईडी ने बताया, काफी चर्चा के बाद बीरू सहगल उसके प्रस्ताव पर सहमत हो गईं और मौखिक समझौते के आधार पर ही 2018 में प्रॉपर्टी उसे सौंप दी।
शेरपुरिया ने पहले 20 लाख रुपये अपनी पत्नी के अकाउंट से ट्रांसफर किए और बाकी के 20 लाख अपनी एक फर्जी कंपनी के अकाउंट से महिला के अकाउंट में भेजे। इसके बाद शेरपुरिया ने अपने भतीजे को क्लब का मैनेजर बना दिया। 2017 में वह परिवार के साथ दिल्ली राइडिंग क्लब में रहने लगा। वहीं सहगल की स्वास्थ्य बिगड़ा तो शेरपुरिया ने पूरी संपत्ति पर कब्जा कर लिया। गौर करने वाली बात यह है कि शेरपुरिया ने सहगल को जो पेमेंट किया था वह भी एक करोड़ के लोन में से किया था जो कि उसने कभी वापस नहीं किया।