कहीं भगवा, तो कहीं लाल-सफेद… 13 अखाड़ों की धर्म ध्वजा क्यों है अलग-अलग?

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ के सबसे वीआईपी मेहमान है सनातन धर्म के 13 अखाड़े. इन अखाड़ों के महाकुंभ में दाखिल होने और शाही स्नान के साथ इनकी धर्म ध्वजा इनकी पहचान के साथ जुड़ी हुई है. शिव के उपासक संन्यासी अखाड़ों और विष्णु के उपासक वैष्णव अखाड़ों की धर्म ध्वजा में बड़ा अंतर होता है और उसके पीछे भी बड़ा धार्मिक महत्व है. सनातन धर्म के प्रतीक भगवा रंग का वैष्णव अखाड़ों की धर्म ध्वजा में प्रयोग तक नहीं होता. इसकी वजह भी बेहद दिलचस्प है.

धर्म ध्वजा दो शब्दों से मिलकर बना है जिसमें एक शब्द है धर्म तो दूसरा है ध्वजा. ध्वजा शब्द का अर्थ निरंतर गतिशील या प्रवाहमान होना है जिसके साथ उनकी प्रतिष्ठा यानी ध्वजा भी जुड़ी हुई है. इस संदर्भ से समझा जा सकता है कि धर्म ध्वजा का तात्पर्य उस अखाड़े विशेष की पहचान और उसके वर्चस्व को प्रदर्शित करने वाली पताका है. इसे ऊंचाई में स्थापित करने का निहितार्थ भी इसी से जुड़ा हुआ है. महाकुंभ क्षेत्र में दाखिल होते ही सबसे पहले नजर आती हैं अलग-अलग रंगों की पताकाएं. तीर्थ पुरोहितों की पताकाएं, प्रशासन के झंडे और साधु-संन्यासियों के अखाड़ों की धर्म ध्वजा.

अखाड़ों की धर्म ध्वजा
सनातन धर्म के 13 अखाड़े अपनी धर्म ध्वजा की वजह से ही अलग पहचान रखते हैं. शैव, वैष्णव और उदासीन सभी अखाड़ों की अपनी अपनी धर्म ध्वजा हैं. सभी संन्यासी अखाड़ों की धर्म ध्वजा का रंग भगवा होता है. सभी संन्यासी अखाड़े 52 हाथ लंबे ध्वज दंड में भगवा पताका लगाकर इसे स्थापित करते हैं. इस धर्म ध्वजा के दंड में सूत से बनी 52 ब्रह्म गांठ होती है.

श्री पंचायती अखाड़ा महा निर्वाणी के सचिव महंत जमुना पुरी जी का कहना है कि अखाड़े की सबसे छोटी इकाई मढ़ी होती है. उनका अखाड़ा 52 मढ़ियों से मिलकर बना होता है इसलिए धर्म ध्वजा की 52 ब्रह्म गांठ मढ़ियों का प्रतीक हैं. शैव अखाड़ों जैसे श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी, श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी, श्री पंच दशनाम जूना, श्री पंच दशनाम अग्नि, तपोनिधि आनंद, श्री पंच दशनाम आवाहन और तपोनिधि अटल अखाड़े में स्थापित धर्म ध्वजाओं का रंग भगवा है.

वैष्णव अखाड़ों की धर्म ध्वजा
महाकुंभ नगर के अखाड़ा सेक्टर में शनिवार को वैष्णव अखाड़ों की धर्म ध्वजा स्थापित की गई. इन तीन अखाड़ों का रंग भगवा नहीं होता. श्री पंच अनी अखाड़े की धर्म ध्वजा का रंग लाल होता है. निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष श्री महंत राजेंद्र दास जी का कहना है कि भगवान हनुमान जी का प्रतीक लाल रंग है जो इस अखाड़े की धर्म ध्वजा में है. इसी तरह हनुमान जी इसके ईष्ट है. दूसरे वैष्णव अखाड़े श्री पंच निर्मोही अनी की धर्म ध्वजा सफेद होती है. यह शांति और शुभता का प्रतीक है. इसी तरह श्री दिगंबर अनी अखाड़े की धर्म ध्वजा की पताका का रंग पंचरंगी होता है. यह पंच तत्व का प्रतीक है.

 

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