खरमास में क्या करें और क्या नहीं करना चाहिए

सूर्य के धनु राशि में प्रवेश से एक माह के लिए खरमास का प्रारंभ हो जाता है। 16 दिसंबर 2023 शनिवार से खरमास प्रारंभ हो रहा है। उल्लेखनीय है कि खर का अर्थ होता है गधा अर्थात सूर्यदेव के रथ में घोड़ो की बजाए गधे जोत दिया जाते हैं जिसके चलते एक माह के लिए सूर्यदेव की गति धीमी हो जाती है।

इस माह में क्या करें और क्या नहीं यह जरूर जानें।क्या नहीं करें : खरमास को मलमाल भी कहते हैं इस दौरान मांगलिक कार्य नहीं करते हैं। मलमास में नामकरण, विद्या आरंभ, कर्ण छेदन, अन्न प्राशन, उपनयन संस्कार, विवाह संस्कार, गृहप्रवेश तथा वास्तु पूजन आदि मांगलिक कार्यों को नहीं किया जाता है।

क्या करें : इस माह में अपने अराध्य देव की अराधना करें। सूर्यदेव को अर्घ्य दें। तिल, वस्त्र और अनाज का दान करें। गाय को चारा खिलाएं। गंगा, यमुना आदि पवित्र नदियों में स्नान करें। बृहस्पति का उपवास करें और उपाय भी करें। गुरुवार को मंदिर में पीली वस्तुएं दान करें।

धनु संक्रांति के दिन सत्यनारायण की कथा का पाठ किया जाता है। तत्पश्चात देवी लक्ष्मी, शिव जी तथा ब्रह्मा जी की आरती की जाती है और चरणामृत का प्रसाद चढ़ाया जाता है। भगवान श्री विष्णु की पूजा में केले के पत्ते, फल, सुपारी, पंचामृत, तुलसी, मेवा आदि का भोग तैयार किया जाता है। साथ ही इस दिन मीठे व्यंजन बनाकर भगवान का भोग लगाया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *