अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर विवादों में घिरे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा स्वीकार होने के एक दिन बाद पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विशेष जांच समिति (SIT) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों का क्रमवार जवाब देंगे और सच सभी के सामने आ जाएगा।
X पर साझा किया हस्तलिखित पत्र
चंपत राय के आधिकारिक X हैंडल से उनके हाथ से लिखे एक पत्र की तस्वीर साझा की गई। पोस्ट में गोस्वामी तुलसीदास कृत श्रीरामचरितमानस के अयोध्याकांड की प्रसिद्ध चौपाई “धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी” भी लिखी गई।
अपने पत्र में चंपत राय ने लिखा कि “पिछले 7 जून 2026 से श्री रामजन्मभूमि मंदिर परिसर के दानपात्र की गणना के समय की गई चोरी के संबंध में अनेक प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं.”
‘मेरे ऊपर अनर्गल आरोप लगाए गए’
चंपत राय ने पत्र में आगे लिखा, “व्यक्तिगत मेरे ऊपर अनेकों ने अनर्गल आरोप लगाये हैं, मैंने मौन धारण कर लिया है. मन्दिर ट्रस्ट की 6 जुलाई को संपन्न बैठक में SIT की प्राथमिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी, यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है. यद्यपि यह परम गोपनीय थी.”
उन्होंने आगे कहा, “आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद, फैलाए जा रहे सभी बिंदुओं पर अपना उत्तर क्रमानुसार दूंगा, सत्य सामने आ जायेगा.”
अपने लंबे सामाजिक जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने लिखा कि वह अक्टूबर 1991 से संगठन के निर्देश पर अयोध्या में कार्यरत हैं और उनका 45 वर्षों का प्रचारक जीवन एक खुली किताब की तरह रहा है। पत्र के अंत में उन्होंने सभी को आदरपूर्वक नमस्कार भी किया।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
राम मंदिर के दानपात्र से चढ़ावा चोरी के आरोप सबसे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से उठाए गए थे। उस समय चंपत राय ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया था।
बाद में चंपत राय की मांग पर ही उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच समिति (SIT) का गठन किया। फिलहाल SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आ चुकी है, जबकि अंतिम रिपोर्ट जुलाई के अंतिम सप्ताह में आने की संभावना है।
26 जून को दिया था इस्तीफा, 6 जुलाई को मिली मंजूरी
चढ़ावा चोरी विवाद के तूल पकड़ने के करीब 20 दिन बाद चंपत राय ने 26 जून को अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया था। इसके बाद 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में उनके इस्तीफे को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई।
अब सभी की नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट पर है, जिसके बाद चंपत राय ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों पर विस्तार से जवाब देने की बात कही है।