
राम जन्मभूमि अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर का कार्य जोरों पर है प्रभु राम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 22 जनवरी 2024 को किया जाएगा। लेकिन इससे पहले 17 जनवरी से कार्यक्रम का आरंभ हो जाएगा।

जिसमें देश के कई प्रमुख लोग शामिल होंगे साथ ही साथ प्रधानमंत्री मोदी भी शिरकत करेंगे। ऐसे में भक्तों को यह जानने की उत्सुकता है कि भव्य राम मंदिर में राल लला की प्राण प्रतिष्ठा का सौभाग्य आखिर किस पूजारी को प्राप्त है ऐसे में आज हम इसी विषय पर चर्चा कर रहे हैं तो आइए जानते हैं।

छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक कराने वाले महापंडित गागाभट्ट के वंशज अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का दायित्व संभालेंगे। आपको बता दें कि काशी के ख्यात विद्वान आचार्य लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के सभी अनुष्ठान विधानों का संपादन करने वाले कुल 121 कर्मकांडी ब्राह्मणों का नेतृत्व करेंगे। जिनके नेतृत्व में अयोध्या राम मंदिर के सारे अनुष्ठान 17 जनवरी से आरंभ हो जाएगा। आचार्य लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित के साथ उनके दो पुत्र अरुण कुमार दीक्षित व सुनील कुमार दीक्षित भी उनका सहयोग करेंगे। प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 17 जनवरी से आरंभ हो जाएगा। ऐसे में ब्राह्मणों का दल 16 जनवरी 2024 को ही अयोध्या पहुंचेगा।

जानकारों के अनुसार भगवान राम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के साथ साथ अनेक धार्मिक अनुष्इान भी किया जाएगा। इनमें चारों वेदों व 18 पुराणों का पारायण भी शामिल है। ये सभी अनुष्ठान अलग अलग मंडपों में किया जाएगा। वही मूल प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का शुभारंभ पंचांग पूजन, कलश पूजन व कलश यात्रा से होगा।
