मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘मतदाता सूची में हेरफेर’ का उठाया मुद्दा, भाजपा पर लगाए आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को विभिन्न राज्यों में चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी द्वारा “मतदाता सूची में हेरफेर” का मुद्दा उठाया।

एआईसीसी महासचिवों और प्रभारियों की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न राज्यों के प्रभारी संगठन और संबंधित राज्यों में चुनावी प्रदर्शन के लिए जवाबदेह होंगे।

उन्होंने महासचिवों और प्रभारियों से कहा, “मैं आपको जवाबदेही के बारे में एक बहुत महत्वपूर्ण बात बताना चाहूंगा। आप सभी अपने प्रभार वाले राज्यों के संगठन और भविष्य के चुनाव परिणामों के लिए जवाबदेह होंगे।”

मतदाता सूची में हेरफेर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “यह चुनावों में बड़े पैमाने पर हो रहा था और राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया था। इस धांधली को हर कीमत पर रोकना होगा।”

उन्होंने बताया कि कैसे कांग्रेस समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए या अंतिम समय में नाम हटाकर दूसरे मतदान केंद्र में जोड़ दिए गए। उन्होंने भाजपा पर चुनाव से ठीक पहले नए नाम जोड़ने का आरोप लगाया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को चुनाव आयुक्तों की चयन समिति से बाहर कर सरकार द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया में हेरफेर का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) की चयन समिति में मुख्य न्यायाधीश को भी शामिल किया गया था, लेकिन मोदी सरकार ने उन्हें भी हटा दिया। सरकार को देश के मुख्य न्यायाधीश की निष्पक्षता पर भी भरोसा नहीं है।

उन्होंने अमेरिका की यात्रा के दौरान “देश के व्यापार और व्यावसायिक हितों की रक्षा करने में विफल रहने” के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की।

खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के व्यापार और व्यावसायिक हितों की रक्षा करने में विफल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका द्वारा शुल्क लगाए जाने का विरोध नहीं किया। वे हम पर घाटे का सौदा थोप रहे हैं, जिसे हमारी सरकार चुपचाप स्वीकार कर रही है। यह स्पष्ट रूप से भारत और उसके लोगों का अपमान है। अमेरिका आर्थिक मामलों में भी हमें गहरा नुकसान पहुंचा रहा है।

उन्होंने ‘संविधान बचाओ अभियान’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह अगले एक साल तक जारी रहेगा। इस अभियान के तहत पदयात्रा, संवाद और नुक्कड़ सभाएं जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। ऐसे हर कार्यक्रम का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने दिल्ली में पार्टी के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद उम्मीदवारों, कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और बदलाव का माहौल बनाया। अगले पांच वर्षों के लिए हमारा प्रयास सार्वजनिक मुद्दों पर लगातार संघर्ष और जन आंदोलनों का नेतृत्व करके मुख्य विपक्ष के रूप में खुद को स्थापित करना होगा।

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