कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में चकेरी थाना क्षेत्र से पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को IRS अधिकारी बताकर ठगी करता था। आरोपी दिव्यांश श्रीवास्तव ने कर्मचारी नगर निवासी हिमांशु सक्सेना से शराब का ठेका दिलाने का झांसा देकर कुल 16 लाख रुपये लिए थे। बाद में काम न होने पर जब पीड़ित ने पैसे मांगे तो आरोपी ने धमकाना शुरू कर दिया।
कैसे हुआ खुलासा?
पीड़ित हिमांशु सक्सेना ने बताया कि उनकी मुलाकात वर्ष 2023 में शिवकटरा निवासी दिव्यांश से हुई थी। उसने खुद को इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) का अधिकारी बताया और आबकारी विभाग से ठेका दिलाने का भरोसा दिलाया। झांसे में आकर हिमांशु ने उसे 16 लाख रुपये दे दिए। लेकिन लंबे समय तक ठेका नहीं मिलने पर जब पैसे लौटाने की बात हुई तो आरोपी ने सिर्फ 10 लाख रुपये वापस किए और बाकी 6 लाख रुपये देने से बचने लगा।
फर्जी आईडी और वर्दी बरामद
पुलिस जांच में सामने आया कि दिव्यांश फर्जी IRS अफसर बनकर घूम रहा था। उसके पास से फर्जी आईडी कार्ड, वर्दी में खिंचवाई गई तस्वीरें और कार पर भारत सरकार व विहिप जिलामंत्री लिखे बोर्ड भी मिले। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी ने खुद को विश्व हिंदू परिषद (VHP) का अधिकारी बताया था, लेकिन संगठन ने साफ कर दिया कि उनके यहां जिला मंत्री जैसा कोई पद नहीं है और आरोपी का संगठन से कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस की कार्रवाई
थाना प्रभारी संतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं दिव्यांश ने इसी तरह किसी और से तो ठगी नहीं की है।
इस मामले ने एक बार फिर फर्जी अफसर बनकर ठगी करने वाले गैंग और नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं।