भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर 9 से 12 अप्रैल के बीच मॉरिशस और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने बुधवार (8 अप्रैल, 2026) को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि दौरे की शुरुआत मॉरिशस से होगी, जिसके बाद वह यूएई जाएंगे। इस यात्रा को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हिंद महासागर सम्मेलन में करेंगे शिरकत
मॉरिशस में विदेश मंत्री 9वें इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस (हिंद महासागर सम्मेलन) में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह सम्मेलन को संबोधित करेंगे और मॉरिशस के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकात कर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करेंगे।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, “एस जयशंकर इस सम्मेलन को संबोधित करेंगे, साथ ही विभिन्न देशों के अपने समकक्षों संग मुलाकात और वार्ता करेंगे. ये सम्मेलन भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी, विजन महासागर और ग्लोबल साउथ के प्रति संकल्प को दर्शाता है.”
यूएई दौरे में रणनीतिक साझेदारी पर फोकस
मॉरिशस यात्रा के बाद विदेश मंत्री 11 अप्रैल से यूएई के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। यहां वह यूएई के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच सहयोग की समीक्षा करेंगे। इस दौरान कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप (व्यापक रणनीतिक साझेदारी) को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान रहेगा।
हिंद महासागर क्षेत्र के लिए अहम मंच
यह सम्मेलन मॉरिशस सरकार और भारत के विदेश मंत्रालय के सहयोग से नई दिल्ली स्थित थिंक टैंक इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का मुख्य विषय “हिंद महासागर के सुशासन के लिए सामूहिक जिम्मेदारी” रखा गया है और इसका आयोजन 10 से 12 अप्रैल तक किया जाएगा।
साल 2016 से आयोजित हो रहा यह सम्मेलन हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बढ़ाने, समुद्री व्यापार को मजबूत करने, आर्थिक सहयोग को प्रोत्साहित करने, जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रभावों से निपटने और समुद्री संसाधनों के संरक्षण के लिए साझा रणनीति तैयार करने पर केंद्रित है।
इंडिया फाउंडेशन के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में यह सम्मेलन हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के बीच साझा मुद्दों पर चर्चा का एक प्रमुख मंच बन चुका है और क्षेत्रीय सुरक्षा एवं विकास सहयोग को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
ईरान-अमेरिका सीजफायर के बीच आया दौरे का ऐलान
विदेश मंत्री जयशंकर के यूएई दौरे की घोषणा अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के संघर्षविराम पर सहमति बनने के कुछ ही घंटों बाद की गई। एक बयान में विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि संघर्ष समाप्त करने के लिए डायलॉग और डिप्लोमेसी (संवाद और कूटनीति) बेहद जरूरी हैं। बयान में कहा गया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से लोगों को भारी परेशानियां हुई हैं और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।