मदरसों के चीफ से ईरान के नए सुप्रीम लीडर तक.., जानें कौन हैं अलीरेजा अराफी, जिन्हें खामेनेई की मौत के बाद मिली कमान

अमेरिका और इजरायल के विनाशकारी हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर है। तेहरान जहां बदले की आग में जल रहा है, वहीं देश को इस भयंकर संकट से निकालने के लिए ईरान ने वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी (Alireza Arafi) को देश का नया ‘अंतरिम सुप्रीम लीडर’ (Interim Supreme Leader) नियुक्त कर दिया है।

कौन हैं खामेनेई के बेहद करीबी अलीरेजा अराफी?

67 वर्षीय अराफी ईरान की कट्टपंथी धार्मिक और राजनीतिक व्यवस्था का एक बेहद प्रभावशाली और जाना-माना चेहरा हैं:

  • मदरसों के चीफ: वर्तमान में वे पूरे ईरान में फैली इस्लामी मदरसा (Seminary) व्यवस्था के प्रमुख हैं।
  • अहम पदों का अनुभव: वे 2019 में ताकतवर ‘गार्डियन काउंसिल’ के सदस्य रह चुके हैं (जो उम्मीदवारों और कानूनों की जांच करती है) और वर्तमान में ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के उपाध्यक्ष भी हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय पकड़: अराफी ने अल-मुस्तफा अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी की अध्यक्षता भी की है, जहां देश-विदेश के धर्मगुरुओं को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद शीर्ष नेतृत्व में यह केवल दूसरा और सबसे चुनौतीपूर्ण बदलाव है।

अब कैसे चलेगा ईरान और कैसे चुना जाएगा नया नेता?

ईरानी संविधान के मुताबिक, जब तक स्थायी सर्वोच्च नेता का चुनाव नहीं हो जाता, तब तक एक ‘अंतरिम नेतृत्व परिषद’ देश चलाएगी।

  • इस परिषद में ईरान के राष्ट्रपति (मसूद पेजेशकियन), चीफ जस्टिस और एक धर्मविद (जुरिस्ट के तौर पर अराफी) शामिल होते हैं।
  • नए ‘सुप्रीम लीडर’ पर अंतिम और स्थायी मुहर ‘विशेषज्ञों की सभा’ (Assembly of Experts) लगाएगी, जो 88 वरिष्ठ धर्मगुरुओं का एक ताकतवर निकाय है।

ईरान में 40 दिन का मातम, खामेनेई का परिवार भी खत्म

ईरानी विदेश मंत्रालय ने खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि करते हुए देश में 40 दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। इस भीषण अमेरिकी हमले में सिर्फ खामेनेई ही नहीं, बल्कि उनकी बेटी, पोता और दामाद समेत परिवार के 4 अन्य सदस्य भी मारे गए हैं।

डोनाल्ड ट्रंप की खौफनाक चेतावनी: ‘बमबारी रुकने वाली नहीं है…’

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक और बड़ी चेतावनी दे डाली है।

  • ट्रंप ने कहा, “यह भारी और सटीक बमबारी पूरे हफ्ते बिना रुके जारी रहेगी। जब तक मिडिल ईस्ट और पूरी दुनिया में शांति का हमारा मकसद पूरा नहीं होता, हमले नहीं रुकेंगे।”
  • इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान की सेना (IRGC) और पुलिस से कहा है कि अगर वे माफी और ‘इम्यूनिटी’ (Immunity) चाहते हैं, तो तुरंत अपने हथियार डाल दें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *