नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 25% अतिरिक्त टैरिफ को लेकर जल्द ही राहत की खबर आ सकती है। मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी अनंत नागेश्वरन ने गुरुवार को उम्मीद जताई कि यह विवाद अगले 8 से 10 हफ्तों में सुलझ जाएगा और 30 नवंबर तक दंडात्मक शुल्क हट सकता है। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि यह उनका निजी आकलन है।
पर्दे के पीछे चल रही है बातचीत
दिल्ली में उद्योग मंडल के एक कार्यक्रम में नागेश्वरन ने कहा,
“पर्दे के पीछे भारत और अमेरिका के बीच बातचीत चल रही है। मेरा अनुमान है कि भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए टैरिफ का समाधान जल्द निकल आएगा। मेरा मानना है कि 30 नवंबर के बाद दंडात्मक शुल्क लागू नहीं रहेंगे।”
बता दें कि अमेरिका ने 27 अगस्त से रूस से तेल खरीद को लेकर भारतीय उत्पादों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया था, जिससे कुल शुल्क 50% तक पहुंच गया।
टैरिफ से बिगड़े रिश्ते
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद भारत-अमेरिका के रिश्तों में खटास आई थी। हालांकि, हाल ही में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच सकारात्मक संकेत मिलने के बाद व्यापार समझौते पर चर्चाएं फिर से तेज हुई हैं।
जीडीपी और अर्थव्यवस्था पर नागेश्वरन का बयान
मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि भारत एक निम्न-मध्य आय वाली आकांक्षी अर्थव्यवस्था है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत का GDP 7.8% की दर से बढ़ा है। उन्होंने बताया कि विनिर्माण, सेवा और कृषि क्षेत्रों में प्रगति के साथ ग्रामीण और शहरी मांग भी मजबूत हो रही है।
जीएसटी और रुपया पर भी बोले
नागेश्वरन ने कहा कि हाल ही में जीएसटी दरों में दी गई राहत से उपभोक्ताओं की जेब में ज्यादा पैसा बचेगा।
उन्होंने बताया कि चालू खाते का घाटा इस साल जीडीपी का सिर्फ 0.2% रहा और विदेशी मुद्रा भंडार भी स्थिर है।
उन्होंने कहा, “डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर जरूर हुआ है लेकिन अर्थव्यवस्था की मजबूती को देखते हुए मुझे भरोसा है कि लंबी अवधि में रुपया अपनी स्थिति मजबूत करेगा।”
AI और रोजगार पर चेतावनी
नागेश्वरन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का असर अभी सीमित है लेकिन कोडिंग से जुड़ी नौकरियों पर दबाव रहेगा। उन्होंने युवाओं से नए कौशल सीखने और नवाचार पर ध्यान देने की अपील की।
अगर अमेरिका ने वाकई 30 नवंबर तक अतिरिक्त टैरिफ हटा दिए तो यह भारत के निर्यातकों और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।