होर्मुज में जंग जैसे हालात, फिर भी कैसे निकल रहे भारतीय जहाज? सरकार ने खोले बड़े राज

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में बदल गया है. हालात इतने गंभीर हैं कि इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो चुकी है. इसके बावजूद भारत अपने जरूरी तेल और सप्लाई वाले जहाजों को सुरक्षित निकालने में सफल हो रहा है. अब भारत सरकार ने पहली बार इस पूरे ऑपरेशन को लेकर अहम जानकारी साझा की है.

2.7 लाख मीट्रिक टन तेल लेकर निकला बड़ा टैंकर

शिपिंग मंत्रालय के डायरेक्टर ओपेश कुमार शर्मा ने बताया कि मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘निसोस केरोस’ 25-26 मई की रात सुरक्षित तरीके से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुका है.

उन्होंने कहा, ‘यह जहाज लगभग 2,70,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आ रहा है और इसके 3 जून 2026 को विशाखापत्तनम पहुंचने की उम्मीद है. इस जहाज के सभी क्रू मेंबर्स विदेशी हैं.’

आखिर कैसे हो रहा है सुरक्षित मूवमेंट?

जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर जब सवाल पूछा गया तो शिपिंग मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से पूरी रणनीति सार्वजनिक नहीं की जा सकती. हालांकि मंत्रालय ने बताया कि यह पूरा समन्वय विदेश मंत्रालय (MEA) के जरिए किया जा रहा है.

सरकार के मुताबिक किस जहाज को पहले निकाला जाएगा, इसका फैसला पेट्रोलियम मंत्रालय और उर्वरक मंत्रालय के साथ मिलकर लिया जा रहा है ताकि जरूरी आपूर्ति प्रभावित न हो.

शिप ट्रैकिंग डेटा पर भी सरकार का बयान

जहाजों की लोकेशन सार्वजनिक रूप से दिखाई देने को लेकर भी सरकार ने प्रतिक्रिया दी. ओपेश कुमार शर्मा ने कहा, ‘ये कमर्शियल ऐप्स हैं जिन्हें कोई भी देख सकता है. कोई इसका क्या इस्तेमाल करता है यह उसकी नीयत पर निर्भर करता है, लेकिन फिलहाल यह डेटा जहाजों को ट्रैक करने में हमारी मदद कर रहा है.’

उन्होंने यह भी कहा कि फारसी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी भारतीय नाविक के साथ किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है.

14 जहाज सुरक्षित भारत लौटे

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि कई भारतीय जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं.

उन्होंने कहा, ‘हमारी जानकारी के अनुसार 11 भारतीय जहाज अभी भी फारसी खाड़ी क्षेत्र में हैं और 14 जहाज वापस आ चुके हैं. मेरा मतलब है कि वे फारसी खाड़ी में थे, लेकिन वे होर्मुज स्ट्रेट को पार करने में सफल रहे और भारत पहुंच गए हैं.’

IRGC ने भी जारी किए आंकड़े

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में 24 जहाज ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं.

इससे एक दिन पहले भी IRGC ने जानकारी दी थी कि 24 घंटे के भीतर 26 व्यापारिक जहाज इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक पार करने में कामयाब रहे थे.

क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है. दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और ऊर्जा सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है. ऐसे में यहां बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा संकट और तेल की कीमतों पर बड़ा असर डाल सकता है.

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