‘हम आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन…’ भारत-चीन वार्ता में सीमा विवाद पर बोला बीजिंग, जयशंकर ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

चीन के विदेश मंत्री वांग यी तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं। सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ प्रतिनिधि स्तर की वार्ता हुई। माना जा रहा है कि वांग यी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से भी चर्चा करेंगे और 19 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-चीन के बीच राजनीतिक विश्वास और सहयोग को मजबूत करना है।

वांग यी बोले- सीमा पर तनाव घटाना जरूरी

वार्ता के दौरान वांग यी ने कहा कि, “यह महत्वपूर्ण है कि सीमा पर तनाव कम होता रहे। दोनों देशों ने कई चुनौतियां देखी हैं। हमारे रिश्ते बेहतर बन सकते हैं, लेकिन दोनों देशों को एक साथ आगे बढ़ना होगा।”

आतंकवाद पर सख्त रुख: एस जयशंकर

दूसरी ओर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ लड़ाई एक और प्रमुख प्राथमिकता है। मैं हमारे विचारों के आदान-प्रदान की प्रतीक्षा कर रहा हूं। कुल मिलाकर, हमारी उम्मीद है कि हमारी चर्चा भारत और चीन के बीच एक स्थिर, सहयोगात्मक और दूरदर्शी संबंध बनाने में योगदान देगी, जो हमारे हितों की पूर्ति करेगा और हमारी चिंताओं का समाधान करेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “आप निश्चित रूप से कल हमारे विशेष प्रतिनिधि एनएसए अजीत डोभाल के साथ सीमा मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारे संबंधों में किसी भी सकारात्मक गति का आधार सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त रूप से शांति और सौहार्द बनाए रखने की क्षमता है। यह भी आवश्यक है कि तनाव कम करने की प्रक्रिया आगे बढ़े।”

पीएम मोदी जाएंगे चीन

बता दें कि अगले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन जाएंगे। इस दौरान विदेश मंत्री जयशंकर और NSA अजीत डोभाल भी उनके साथ रहेंगे। इससे पहले 19 अगस्त को वांग यी प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात करेंगे।

चीन का रुख

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि वांग यी की यह यात्रा भारत और चीन के बीच राजनीतिक विश्वास और व्यावहारिक सहयोग को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।

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