शिमला/बेंगलुरु। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने जैसी आपदाओं ने अब तक हजारों करोड़ का नुकसान कर दिया है। इसी बीच कर्नाटक सरकार ने हिमाचल की मदद के लिए पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर एकजुटता और संवेदना प्रकट की।
सिद्धरमैया का पत्र: एकता ही सबसे बड़ी ताकत
12 सितंबर को लिखे पत्र में सिद्धरमैया ने कहा, “कर्नाटक में जीवन की हानि, परिवारों का विस्थापन, घरों और बुनियादी ढांचे का विनाश हमें बहुत व्यथित करता है। जब प्रकृति हमारी सहनशक्ति की परीक्षा लेती है, तब हमारे राष्ट्र को जोड़ने वाली एकता की भावना ही सबसे बड़ी ताकत बन जाती है।”
हिमाचल के लोगों के साथ खड़ा है कर्नाटक
सिद्धरमैया ने आगे लिखा कि कर्नाटक के लोगों की प्रार्थनाएं और शुभकामनाएं हिमाचल के नागरिकों के साथ हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि हिमाचल इस त्रासदी से नई शक्ति और संकल्प के साथ बाहर निकलेगा। उन्होंने कहा कि हालांकि कोई भी राशि जान-माल की असली क्षति की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन उम्मीद है कि यह मदद प्रभावित परिवारों को तात्कालिक राहत देगी।
बारिश से तबाही, 350 से ज्यादा मौतें
हिमाचल प्रदेश आपात अभियान केंद्र के अनुसार, 20 जून से लगातार हुई भारी बारिश के चलते राज्य को चार हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। प्राकृतिक आपदाओं और सड़क हादसों में अब तक 350 लोगों की जान गई है। इनमें से 200 से अधिक मौतें बारिश से संबंधित घटनाओं की वजह से हुईं — 43 लोग भूस्खलन, 17 लोग बादल फटने और 9 लोग बाढ़ की चपेट में आए। इसके अलावा 41 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि सड़क दुर्घटनाओं में 165 लोगों की जान गई।