देवभूमि उत्तराखंड के हरिद्वार में जनवरी से अप्रैल 2027 के बीच होने वाले ‘महाकुंभ’ (Haridwar Kumbh 2027) की तैयारियों ने अब जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली है। केंद्र की मोदी सरकार ने इस विश्वविख्यात आध्यात्मिक आयोजन की व्यवस्थाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट जारी कर दिया है। इस बड़ी सौगात पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है।
कहाँ खर्च होंगे केंद्र से मिले ये ₹500 करोड़?
राज्य सरकार के अनुसार, केंद्र से मिली इस धनराशि का इस्तेमाल मेला क्षेत्र को हाई-टेक और सुविधाजनक बनाने के लिए किया जाएगा। इसके तहत कई प्रमुख विकास कार्य होंगे:
- घाटों का सौंदर्यीकरण: स्नान घाटों को भव्य, स्वच्छ और श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाएगा।
- सड़क और यातायात प्रबंधन: ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए नई सड़कें बनेंगी, पुलों की मरम्मत होगी और विशाल पार्किंग स्पेस तैयार किए जाएंगे।
- बेहतर जनसुविधाएं: करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल, हाई-टेक स्वच्छता व्यवस्था और आरामदायक अस्थायी आवास (टेंट सिटी) बनाए जाएंगे।
- सुरक्षा और चिकित्सा: चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एडवांस कंट्रोल रूम स्थापित होंगे और 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।
‘कुंभ केवल आयोजन नहीं, सनातन संस्कृति का महापर्व है’
सीएम धामी ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि कुंभ मेला केवल एक धार्मिक जमावड़ा नहीं है, बल्कि यह भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा विश्वविख्यात महापर्व है। उन्होंने पीएम मोदी के देवभूमि से विशेष जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि चारधाम परियोजना और ‘ऑल वेदर रोड’ की तरह ही, केंद्र के इस बड़े सहयोग से कुंभ 2027 को ‘दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित’ स्वरूप देने में अहम मदद मिलेगी।
राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और इस महाकुंभ को एक ‘ऐतिहासिक और सुरक्षित’ आयोजन बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।