गन लाइसेंस के लिए 1 लाख आवेदन; हमला नहीं रोक पाने से खफा इजरायली, अब खुद उठाएंगे हथियार

इजरायल पर बीते 7 अक्टूबर को आतंकवादी संगठन हमास ने अचानक हमला बोल दिया था। इजरायली राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रालय के अनुसार, बीते 18 दिनों में ही 1 लाख से अधिक इजरायलियों ने बंदूक लाइसेंस के लिए अप्लाई कर दिया है।युद्ध से पहले बीते 2 सालों में जितने आवेदन आए, यह संख्या उसके बराबर है। शाहर फिशबीन नाम के शख्स ने बंदूक लाइसेंस के लिए फॉर्म भरा है। वह इसे लेकर काफी उत्साहित नजर आते हैं। शाहर ने इसे जरूरी भी बताया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया, ‘अगर मैं अपनी रक्षा नहीं करूंगा, तो कोई दूसरा यह नहीं करने वाला है।’

शाहर फिशबीन मध्य इजरायल के कदीमा तजोरन के रहने वाले हैं। वह 23 साल के हैं। उन्होंने हाल ही में अपनी मिलिट्री सर्विस समाप्त की है और बंदूक लाइसेंस हासिल करने की प्रक्रिया में हैं। इसे लेकर जरूरी कागजात भरने और भेजने के बाद फिशबीन ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि मेरी अपील का क्या स्टेटस है। मैं राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रालय के जवाब का इंतजार कर रहा हूं। अभी तक इसे लेकर केवल एक संदेश मिला है जिसमें बताया कि मेरी अपील सिस्टम में अपलोड कर दी गई है। हालांकि, मुझे इस बात की उम्मीद है कि बंदूक लाइसेंस की मेरी मांग स्वीकर कर ली जाएगी।’

गन लाइसेंस के लिए बढ़े आवेदनों का कारण
ऐसे इजरायली जो गाजा बॉर्डर के पास रहते हैं, हमास के ताजा हमले के बाद उनकी ओर से गन लाइसेंस की मांग में अभूतपूर्व तेजी आई है। इस तरह के परमिट के लिए मानो आवेदनों की सुनामी आ गई हो। दरअसल, इजरायल रक्षा बल के जवान हमास के हमलों को रोक पाने में नाकाम रहे। इजरायली सेना को नियंत्रण पाने में कई दिन लग गए। जानकारों का कहना है कि इस अटैक के बाद से सीमावर्ती इलाकों के लोग पहले से कहीं अधिक सतर्क हो गए हैं। ये लोग अब अपनी सुरक्षा के लिए खुद के पास बंदूक होने को जरूरी मान रहे हैं। इसे देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इटमार बेन-गविर ने परमिट पर प्रतिबंधों में ढील भी दी है।

अब हफ्ते भर में मिल जाएगा बंदूक लाइसेंस?
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बिना आपराधिक रिकॉर्ड या स्वास्थ्य समस्याओं वाले पात्र नागरिकों को अब एक हफ्ते के भीतर बंदूक लाइसेंस जारी किया जा सकता है। साथ ही नागरिकों को 50 से बढ़ाकर 100 गोलियां रखने की इजाजत होगी। मिनिस्ट्री ने यहूदिया और सामरिया आबादी वाले शहरों, सीमावर्ती कस्बों में हजारों सिक्योरिटी वालंटियर्स को हथियार, हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट बांटे हैं। मालूम हो कि इजरायल में नागरिकों को निजी तौर पर घातक हथियार रखने का कानूनी अधिकार नहीं है। देश में सख्त बंदूक नियंत्रण कानून लागू है। गन लाइलेंस को लेकर आवेदकों के लिए शर्त है कि उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। साथ ही शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर मेडिकल रिपोर्ट पेश करनी होती है।

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