
वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद में इन दिनों एएसआई का सर्वे चल रहा है। इसी सर्वे को लेकर जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में मुस्लिम पक्ष अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने सोमवार को एएसआई पर आरोप लगाया कि सर्वे के लिए बिना अनुमति ज्ञानवापी परिसर के तहखाने व अन्य स्थानों पर खुदाई कर रहा है।
आपत्ति दाखिल कर अंजुमन ने यह भी कहा है कि परिसर का मलबा ढांचे के पश्चिमी दीवार पर इकट्ठा किया जा रहा है। इससे ढांचे के गिरने का खतरा पैदा हो गया है।
अंजुमन ने यह आपत्ति एएसआई के आठ हफ्ते का समय और बढ़ाने संबंधी प्रार्थना पत्र पर की है। आपत्ति में कहा गया है कि सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट में एएसआई ने अपने शपथ पत्र में कहा है कि सिर्फ वैज्ञानिक तरीके से सर्वे करेंगे। एएसआई को दो सितम्बर को सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने का समय दिया गया था। एएसआई ने अपने प्रार्थना पत्र में मलबा व कचरा वगैरह को हटाकर सर्वे की बात स्वीकार की है। जबकि सिर्फ वैज्ञानिक पद्धति व जीपीआर विधि से सर्वे के लिए आदेशित किया गया है।
एएसआई किसी मलबा या कचरे की सफाई के पश्चात् सर्वे करने के लिए अधिकृत नहीं है। एएसआई का यह कहना कि सावधानीपूर्वक कचरा व मलबा हटाकर सर्वे करने में समय लगेगा, यह साबित होता है कि जानबूझ कर सिर्फ समय मांगा जा रहा है। यह कोर्ट के आदेश के खिलाफ है। रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा जाना न्यायोचित नहीं है। इसलिए एएसआई को अब समय नहीं दिया जाए।