गोरखपुर: उत्तर प्रदेश की गोरखपुर पुलिस ने शनिवार (3 जनवरी) को एक बेहद शातिर और अनोखे ‘सांप-बिच्छू गैंग’ (Saamp-Bichhoo Gang) का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक बड़े एक्शन में इस गिरोह की 36 महिलाओं समेत कुल 40 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये महिलाएं बसों और ऑटो में सफर करने वाले यात्रियों के ऊपर नकली सांप, बिच्छू और छिपकली फेंककर लूटपाट करती थीं।
कैसे शिकार बनाता था यह ‘स्पेशल 36’ गैंग?
पुलिस पूछताछ में इस गिरोह के काम करने के तीन मुख्य तरीके सामने आए हैं, जिसे सुनकर अफसर भी हैरान रह गए:
- नकली सांप का खौफ: ये महिलाएं 4-5 के ग्रुप में बस या ऑटो में चढ़ती थीं। मौका मिलते ही यात्री के ऊपर रबर के नकली सांप, बिच्छू या छिपकली फेंक देती थीं। यात्री जैसे ही डरकर चिल्लाता या घबराता, उसी अफरा-तफरी में ये पलक झपकते ही गले से चेन और बैग से कीमती सामान पार कर देती थीं।
- सेफ्टी पिन अटैक: भीड़भाड़ में ये महिलाएं सवारी को सेफ्टी पिन, छोटी कैंची या चाकू चुभा देती थीं। दर्द के कारण जैसे ही यात्री का ध्यान भटकता, ये गहने उड़ा लेती थीं।
- बुजुर्गों को झांसा: ये अक्सर बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाती थीं। उन्हें बातों में उलझाकर या अपनी गाड़ी में लिफ्ट देने के बहाने बैठातीं और फिर डराकर गहने उतरवा लेती थीं।
सरगना की गिरफ्तारी से खुला राज
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस अलर्ट थी। 1 जनवरी को पुलिस ने गैंग के सरगना विष्णु को गोला थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
- पूछताछ: सख्ती से पूछताछ करने पर विष्णु ने पूरे नेटवर्क का राज उगल दिया।
- नेटवर्क: इसके बाद कैंट और रामगढ़ताल पुलिस ने छापेमारी कर 36 महिलाओं और 4 पुरुषों को पकड़ा। ये महिलाएं जौनपुर, बलिया, सिद्धार्थनगर समेत यूपी के 11 जिलों की रहने वाली हैं। इनका हुलिया इतना साधारण (साड़ी पहने हुए) होता था कि कोई इन पर शक नहीं कर पाता था।
बरामदगी और कार्रवाई
सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से नकली सांप-छिपकली, सेफ्टी पिन, कैंची, प्लास्टिक की रस्सी और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद हुई है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।