सीएम योगी का विरोधियों पर बड़ा हमला, बोले- देश में दोबारा जिन्ना पैदा होने से पहले उसे दफन करना होगा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में “कोई नया जिन्ना पैदा न होने पाए” और अगर कोई ऐसा करने का साहस करता है, तो उसे भारत की अखंडता को चुनौती देने से पहले ही “दफन करके रख देना होगा।” सीएम योगी ने यह टिप्पणी समाजवादी पार्टी (सपा) के एक सांसद का जिक्र करते हुए की, जिन्होंने कथित तौर पर ‘वंदे मातरम’ से जुड़े एक आयोजन का विरोध किया था।

“जिन्ना के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं ये लोग”

गोरखपुर में ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए, मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “ये वहीं लोग हैं जो जिन्ना के कार्यक्रमों शर्मनाक तरीके से शामिल होते हैं।”

सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि आज हमारा दायित्व बनता है कि हम उन कारणों को ढूंढे, जो समाज को बांटने वाले हैं। उन्होंने विभाजनकारी ताकतों को चेतावनी देते हुए कहा, “यह जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर विभाजन नए जिन्ना को पैदा करने की साजिश का हिस्सा है।”

उग्रवाद और आतंकवाद को बताया एकता के लिए चुनौती

मुख्यमंत्री ने भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देने वाले कारकों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि, “यह उग्रवाद और आतंकवाद जो लगातार भारत की एकता अखंडता को चुनौती दे रहा है। जो भी भारत के महापुरुषों का क्रांतिकारी का अपमान करते हैं, जिनके कारण भारत की एकता राष्ट्रीयता को चुनौती मिलती है। हमें एकजुट होकर खड़ा होना होगा।” उन्होंने आगे कहा कि यह “एकता यात्रा भारत के हर नागरिक की एकता अखंडता के प्रति प्रतिबद्ध करती है।”

“वंदे मातरम का विरोध ही विभाजन का कारण बना”

सीएम योगी ने राष्ट्रगीत के महत्व पर जोर दिया और कहा कि “1876 के बाद कौन सा ऐसा क्रांतिकारी रहा है जिसने वंदे मातरम का उद्घोष न किया हो।” उन्होंने अफसोस जताया कि जो मंत्र भारत की आजादी का कारण बना, “उस मंत्र को भी लोगों ने सांप्रदायिक कह कर उसमें संशोधन करने का प्रयास किया।”

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, “वंदे मातरम का विरोध ही भारत के विभाजन का कारण बना था। कांग्रेस ने उस समय मोहम्मद अली जौहर को पद से हटा दिया होता और वंदे मातरम का सम्मान किया होता, तो भारत का दुर्भाग्यपूर्ण विभाजन नहीं हुआ होता।”

उन्होंने सभी देशवासियों से आह्वान किया कि “राष्ट्रीय एकता और अखंडता को कमजोर करने वाले कारकों को ढूंढना होगा उसे पर प्रभावी प्रहार करना पड़ेगा जिससे आने वाले समय में कोई दूसरा जिंदा पैदा होकर भारत के अखंडता को चुनौती न देने पाए।”

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