समस्या धन की नहीं, बल्कि सिस्टम की है – पी. चिदंबरम का बेंगलुरु सड़कों पर बड़ा बयान

Bengaluru Roads Issue: बेंगलुरु में सड़कों की मरम्मत और नागरिक सुविधाओं की स्थिति को लेकर मचे विवाद के बीच पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि शहर के लोक निर्माण कार्यों में असली समस्या धन की नहीं, बल्कि उसके कार्यान्वयन की है.

चिदंबरम बोले — “धन की कमी नहीं, अमल की दिक्कत है”

पी. चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने बायोकॉन की चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ द्वारा बेंगलुरु की सड़कों की मरम्मत के लिए धन देने की पेशकश को दिलचस्पी से देखा. उन्होंने कहा,

“एक शानदार प्रस्ताव! बधाई! लेकिन हमारे लोक निर्माण कार्यों में समस्या सार्वजनिक धन की कमी नहीं है, बल्कि कार्यों के कार्यान्वयन में है।”

चिदंबरम का यह बयान उस समय आया है जब किरण शॉ और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच बेंगलुरु की सड़कों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सोशल मीडिया पर बहस चल रही है. हालांकि बायोकॉन की ओर से ऐसी किसी भी आधिकारिक पेशकश से इनकार किया गया है.

 ‘लोक निर्माण में सुधार जरूरी’

पूर्व वित्त मंत्री ने ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि सरकारें अगर चाहें तो किरण शॉ जैसे उद्योगपतियों के सुझावों को अमल में ला सकती हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार ठेकेदारों का चयन सार्वजनिक प्रक्रिया से करे, और उसके बाद कार्य की निगरानी किरण शॉ जैसी इच्छुक कंपनी या उद्योगपति को सौंपे.

“ठेकेदार लोक निर्माण कार्य (जैसे सड़क निर्माण) करेगा, लेकिन उसकी गुणवत्ता और समय पर पूरा करने की जिम्मेदारी पर्यवेक्षण करने वाली कंपनी या उद्योगपति की होगी।”

चिदंबरम ने यह भी सुझाव दिया कि अगर परियोजना में देरी या लागत बढ़ती है, तो उसका जुर्माना उद्योगपति या पर्यवेक्षण करने वाली कंपनी को देना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस विचार को चेन्नई या बेंगलुरु जैसे शहरों में आजमाया जा सकता है.

बेंगलुरु में ‘सड़क विवाद’ से गर्म हुआ माहौल

हाल ही में किरण शॉ ने सोशल मीडिया पर बेंगलुरु की सड़कों और जलभराव की समस्या पर नाराजगी जताई थी. उनके पोस्ट पर कांग्रेस नेताओं और सरकार के समर्थकों ने आपत्ति जताई थी.
इसके जवाब में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि शहर की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयान देने से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि बेंगलुरु और राज्य की प्रतिष्ठा उन सभी की है जिन्होंने इसके विकास में योगदान दिया है.

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