उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कार्य के बीच, आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने चुनाव आयोग से एसआईआर की अंतिम तारीख बढ़ाने की मांग की है और चेतावनी दी है कि समय न बढ़ने पर कमजोर वर्गों के वोटों पर बहुत बड़ा नुकसान पड़ेगा।
SIR की प्रक्रिया में आ रही दिक्कतें
चंद्रशेखर आजाद ने एसआईआर प्रक्रिया में आ रही समस्याओं को उजागर किया:
- समय की कमी: उन्होंने कहा कि एसआईआर की डेट 4 दिसंबर तक रखी गई है।
- साइट की गति: “जो साइट है वो भी स्लो चल रही है, केवल चालीस परसेंट ही फार्म अपलोड हुए है।”
- मानसिक तनाव: उन्होंने कहा कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) मानसिक रूप से परेशान हैं और सुसाइड कर रहे हैं।
- महिलाओं को परेशानी: “सबसे बड़ी परेशानी उन महिलाओं को आ रही है जो कम पढ़ी लिखी हैं।”
‘वोट का अधिकार आसानी से नहीं मिला’
नगीना सांसद ने जोर देकर कहा कि “वोट का अधिकार हमें आसानी से नहीं मिला है, इसके लिए बाबा साहब अंबेडकर के चार-चार बच्चों की कुर्बानी दी गई।”
उन्होंने कहा कि अगर एसआईआर प्रक्रिया का समय नहीं बढ़ाया गया तो इसका बहुत बड़ा नुकसान कमजोर वर्गों के वोटों पर पड़ेगा।
कार्यकर्ताओं से अपील और बीजेपी पर आरोप
- कार्यकर्ताओं से अपील: चंद्रशेखर आजाद ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि “वे एक-एक वोट की रखवाली करें और बीजेपी की वोट चोरी की साजिश को कामयाब न होने दें।” उन्होंने कहा कि “जब वोट बचेगा तभी हमारी ताकत बचेगी।”
- बीजेपी पर आरोप: उन्होंने कहा कि “भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) गरीब, मजलूम, दलितों, अल्पसंख्यकों के वोट कटवा कर चोरी करना चाह रही है।”
- शिक्षा का नुकसान: उन्होंने बीएलओ के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए कहा कि टीचर्स एसआईआर कार्य में चले जा रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
- विपक्ष पर टिप्पणी: उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “विपक्ष खत्म हो चुका है, विपक्ष है कहां केवल आजाद समाज पार्टी ही विपक्ष है जो सडक पर संघर्ष कर रहा है।”