उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब करणी सेना की ओर से नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी आने पर रोक लगाने की धमकी दी गई। इस बयान के बाद चंद्रशेखर आजाद ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे किसी भी तरह की धमकी से डरने वाले नहीं हैं।
भीम आर्मी के संस्थापक और सांसद चंद्रशेखर आजाद कांशीराम जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने करणी सेना के नेता अभिनव सिंह द्वारा दी गई चेतावनी पर तीखा जवाब दिया।
“हम संघर्ष करने वाले लोग हैं” – चंद्रशेखर आजाद
करणी सेना की धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा —
“हम संघर्ष करने वाले लोग हैं. हम धमकियों से नहीं डरते. मैं तो संवैधानिक व्यक्ति हूं लेकिन, हम चमड़ा उतारना भी जानते है और उसका जूता बनाना भी और समय आने पर उसे सिर पर पटककर मारना भी जानते हैं.. तो हम बड़े सज्जन लोग है. संविधान को मानने वाले लोग है, डरते किसी से नहीं है. डरते तो भारतीय संविधान के संविधानिक मूल्यों के खिलाफ नहीं जाएंगे.”
कांशीराम जयंती को लेकर भी दिया बयान
जब उनसे विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा कांशीराम जयंती पर कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा —
“कांशीराम व्यक्ति नहीं विचार है. जो उनके विचारों पर चल रहा है कांशीराम तो उन्हीं के हैं. आप महसूस कीजिए 2006-2026 तक इन 20 सालों में किसी कांशीराम क्यों नहीं याद आए.
मैं धन्यवाद दूंगा भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का, जिन्होंने लाठियां खाईं, मुसीबतें झेलीं, जेलें काटी, अन्याय अत्याचार के ख़िलाफ आंदोलन और रैलिया की उसकी वजह से आज हर आदमी को कांशीराम याद आ रहे हैं.”
सोशल मीडिया पर दी गई थी धमकी
दरअसल, बाराबंकी में करणी सेना के प्रदेश महामंत्री अभिनव सिंह ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा था कि चंद्रशेखर आजाद को जिले में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर वे बाराबंकी आते हैं तो करणी सेना के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।