उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी की सीटें कम होने की वजह सोशल मीडिया को बताया है। उनका कहना है कि विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कोई नियंत्रण नहीं है और वही अपनी मनमर्जी से नैरेटिव गढ़ते हैं। इसी वजह से बीजेपी को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा।
नेपाल हिंसा पर जताई चिंता
नेपाल में सोशल मीडिया बैन के बाद भड़की हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निषाद ने कहा –
“नेपाल में जो हो रहा है वह दुखद और निंदनीय है। नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान कभी भारत का हिस्सा थे, लेकिन विदेशी ताकतों ने इन्हें अलग किया और अब अमेरिका-चीन जैसी ताकतें वहां अशांति फैला रही हैं।”
युवाओं और सोशल मीडिया को लेकर सुझाव
संजय निषाद ने कहा कि भारत को नेपाल से सीख लेकर युवाओं की रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उनका मानना है कि –
- युवाओं को रोजगार देकर व्यस्त रखना जरूरी है।
- स्वास्थ्य और रोजगार सेवाएं मुफ्त होनी चाहिए।
- युवाओं को सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचाने के कदम उठाने होंगे।
‘विदेशी प्लेटफॉर्म बैन कर अपने सोशल मीडिया बनाने चाहिए’
जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत में भी सोशल मीडिया बैन करना चाहिए, तो उन्होंने कहा –
“विदेशी सोशल मीडिया की जगह भारत को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तैयार करने चाहिए। विदेशी प्लेटफॉर्म पर कोई कंट्रोल नहीं रहता और वे अपने हिसाब से नैरेटिव बनाते हैं। उसी का असर लोकसभा चुनाव में देखने को मिला, जहां बीजेपी की सीटें कम हो गईं। इसलिए भारत को अपने प्लेटफॉर्म बनाकर विदेशी प्लेटफॉर्म को बैन करना चाहिए।”
विपक्ष पर साधा निशाना
संजय निषाद ने कहा कि विपक्षी दल केवल भ्रम और दहशत फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने नेपाल में शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि भारत में ऐसी स्थिति नहीं है।