बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एनडीए (NDA) ने बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। गठबंधन ने घोषणा की है कि 23 अगस्त से 23 सितंबर तक पूरे राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। यह सम्मेलन सात चरणों में होगा और हर दिन अलग-अलग प्रमंडलों की 14 विधानसभा सीटों पर बैठकें होंगी।
दिग्गज नेता बने टीम लीडर
एनडीए की ओर से इस सम्मेलन को सफल बनाने के लिए कई बड़े नेता जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसमें बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, जेडीयू कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, मंत्री विजय चौधरी और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह जैसे दिग्गज नेताओं को टीम लीडर बनाया गया है।
“2025 में 225 सीटों का लक्ष्य” – जेडीयू
जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि इस सम्मेलन का मकसद गठबंधन को मजबूत करना और नीतीश कुमार के नेतृत्व में 2025 विधानसभा चुनाव में 225 सीटों का लक्ष्य हासिल करना है। उन्होंने कहा, “एनडीए पूरी एकजुटता और तालमेल के साथ काम कर रहा है। इस सम्मेलन से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आएगी।”
“जनता तक पहुंचाएंगे NDA का विकास”
एलजेपी (रामविलास) प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने कहा कि सम्मेलन में जनता को बताया जाएगा कि एनडीए सरकार ने बिहार के विकास के लिए क्या-क्या काम किए हैं। उन्होंने कहा, “एनडीए सिर्फ योजनाएं बनाती नहीं है, बल्कि विकास को घर-घर तक पहुंचाती है। सम्मेलन से कार्यकर्ताओं की एकजुटता और भी मजबूत होगी।”
“2010 से भी बड़ी लहर” – हम पार्टी
हम पार्टी के नेता अनिल कुमार ने दावा किया कि इस बार बिहार में एनडीए के पक्ष में जबरदस्त लहर है। उन्होंने कहा, “यह लहर 2010 से भी बड़ी है। हमें पूरा विश्वास है कि इस बार 225 सीटों का आंकड़ा भी पार कर लेंगे। जिलावार सम्मेलन पहले ही हो चुके हैं, अब विधानसभा वार सम्मेलन से चुनाव में और फायदा मिलेगा।”