जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर गुरुवार को ‘आर्मी डे परेड 2026’ का भव्य आयोजन हुआ, जिसने हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया. सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में करीब डेढ़ लाख लोगों ने शिरकत की. परेड का आगाज चेतक हेलिकॉप्टरों द्वारा आसमान में राष्ट्रीय ध्वज और सेना का ध्वज फहराने के साथ हुआ. इसके बाद तीन ध्रुव हेलिकॉप्टरों ने आसमान से फूलों की बारिश की और पांच अपाचे हेलिकॉप्टरों ने शानदार फ्लाइंग पास्ट कर दर्शकों का रोमांच सातवें आसमान पर पहुंचा दिया. मुख्य समारोह के दौरान वीर माताओं और वीर नारियों ने अपने परिजनों के अदम्य साहस और बलिदान के लिए सम्मान ग्रहण किया.
परेड का मुख्य आकर्षण अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन रहा, जिसने भारतीय सेना की बढ़ती हुई ताकत का एहसास कराया. इस दौरान अर्जुन टैंक, के-9 वज्र, टी-90, धनुष तोप, ब्रह्मोस मिसाइल, पिनाका लॉन्चर सिस्टम और आकाश एयर डिफेंस सिस्टम जैसे विध्वंसक हथियारों की नुमाइश की गई. इसके अलावा 13 प्रकार के स्वदेशी ड्रोन, जैमर और सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम भी प्रदर्शित किए गए. सीमा पर मुस्तैदी दिखाने वाले डॉग स्क्वायड में जर्मन शेफर्ड, लेब्राडोर और स्वदेशी हाउंड नस्ल के कुत्तों ने भी अपनी दक्षता साबित की.
सांस्कृतिक और सैन्य परंपरा का भी अद्भुत संगम देखने को मिला. 61वीं कैवेलरी के घुड़सवारों ने लहरिया साफा पहनकर राजस्थानी संस्कृति की झलक पेश की, वहीं नेपाली आर्मी बैंड और विभिन्न भारतीय रेजिमेंट के बैंड ने मार्च पास्ट में कदमताल मिलाई. राजस्थान पर्यटन की झांकी, कालबेलिया नृत्य और केरल के चेंडा वॉरियर्स ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग घोला. अंत में एनएससी टॉरनेडो दल के रोंगटे खड़े कर देने वाले मोटरसाइकिल करतब और प्रचंड व रुद्र जैसे हेलिकॉप्टरों के एयर शो ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया.