रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासन की ओर से ध्वस्तीकरण से जुड़े आदेश जारी होने के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है। इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के नाम संदेश जारी करते हुए उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की मुहिम में वह छात्रों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से विश्वविद्यालय को निशाना बना रही है और इसे संकीर्ण राजनीति का शिकार बनाने की कोशिश की जा रही है।
‘शिक्षा के मंदिर’ को बचाने की अपील
अखिलेश यादव ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ लिया गया फैसला पक्षपातपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी का हर कार्यकर्ता, समर्थक और नेता छात्रों तथा उनके अभिभावकों के साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा कि हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है और इसे बचाना समाज की जिम्मेदारी है। इसी कारण उन्होंने देशभर के लोगों से अपील की कि वे विश्वविद्यालय को बचाने की इस मुहिम में साथ आएं।
‘कागजी कमी है तो उसे पूरा किया जाए’
सपा प्रमुख ने कहा कि विश्वविद्यालय में सभी वर्गों और समुदायों के छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा अब हर समाज के युवाओं के खिलाफ खड़ी हो गई है।
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय से जुड़े दस्तावेजों में कोई कमी है तो उसे पूरा किया जाना चाहिए, लेकिन छात्रों के भविष्य को प्रभावित करने वाली कार्रवाई से बचना चाहिए।
गरीब छात्रों के भविष्य का मुद्दा उठाया
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र पढ़ते हैं जिनके परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और वे महंगे निजी संस्थानों या विदेशों में शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार के मन में छात्रों, युवाओं और उनके परिवारों के प्रति संवेदना होती तो वह ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई के बजाय कोई वैकल्पिक समाधान तलाशती।
भाजपा पर शिक्षा विरोधी होने का आरोप
अखिलेश यादव ने भाजपा पर शिक्षा के प्रति नकारात्मक सोच रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज जागरूक और प्रगतिशील होता है तथा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता है, इसलिए भाजपा ऐसी सोच को पसंद नहीं करती।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्राथमिक विद्यालयों से लेकर विश्वविद्यालयों तक शिक्षा संस्थानों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
रोजगार और शिक्षा को लेकर भी साधा निशाना
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा नहीं चाहती कि लोग पढ़-लिखकर रोजगार और नौकरी की मांग करें। उनके अनुसार नौकरी और भर्ती सरकार की प्राथमिकता में शामिल नहीं है।
उन्होंने कहा कि पहले प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने की कोशिश हुई थी, जिसका जवाब समाजवादी पार्टी ने ‘पीडीए पाठशाला’ के जरिए दिया। अब विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई समाज के सभी वर्गों के छात्रों के भविष्य पर हमला है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित एकतरफा कार्रवाई बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की।